तहसीलदार और मंदिर समिति की मौजूदगी में हुई नोटों की गिनती, व्यवस्थाओं व विकास कार्यों में खर्च हुई राशि
Junaid Khan - शहडोल। प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां कंकाली मंदिर (अंतरा) में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और प्रशासन व मंदिर प्रबंधन की बेहतरीन कार्यशैली का बड़ा उदाहरण सामने आया है। चैत्र नवरात्रि से लेकर शारदीय नवरात्रि के मध्य प्राप्त हुए चढ़ावे व दान की पेटी रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों एवं मंदिर समिति के पदाधिकारियों की कड़ी मौजूदगी में खोली गई। इस दौरान प्राप्त चढ़ावे और रसीद बुकों से प्राप्त राशि का पूरा पारदर्शी लेखा-जोखा तैयार किया गया। मंदिर समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस पूरी अवधि के दौरान कुल 11 लाख 18 हजार 451 रुपए की आय अर्जित हुई। वहीं, धार्मिक आयोजनों, विशाल भंडारे, नियमित पूजा-अर्चना और मंदिर परिसर के आवश्यक निर्माण व सौंदर्यीकरण कार्यों में कुल 14 लाख 44 हजार 935 रुपए का व्यय हुआ। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से निष्पादित हुई इस गिनती की प्रक्रिया के तहत पाई-पाई का हिसाब सार्वजनिक किया गया है। आय के विवरण में जवारा रसीद से 61,300 रुपए, भंडारा टोकन से 74,810 रुपए, दान व रसीद बुक से 4,63,841 रुपए, शादी व अन्य मांगलिक कार्यों से 1,49,500 रुपए तथा दान पेटी से सीधे प्राप्त 3,69,000 रुपए की राशि शामिल है। इसमें सोने-चांदी के आभूषणों का मूल्य भी सम्मिलित किया गया है। वहीं दूसरी ओर व्यय के आंकड़ों पर नज़र डालें तो पिछले 7 महीनों में धार्मिक अनुष्ठानों व व्यवस्थाओं में 7,65,481 रुपए तथा शारदीय नवरात्रि के भव्य आयोजन व भंडारे आदि में 6,79,514 रुपए की राशि पूर्ण पारदर्शिता के साथ खर्च की गई है।
मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अपनाई गई इस सूक्ष्म एवं निष्पक्ष लेखा-जोखा प्रक्रिया की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है। रविवार को आयोजित इस आधिकारिक गणना और लेखा समीक्षा के दौरान तहसीलदार सिंहपुर, राजस्व निरीक्षक के साथ-साथ मंदिर समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह सहित समिति के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य प्रमुख रूप से मौजूद रहे। जिम्मेदार अधिकारियों और समिति सदस्यों ने अपनी निगरानी में नोटों व चढ़ावे की गिनती कराकर निष्पक्षता की मिसाल कायम की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रशासन और मंदिर समिति के इसी बेहतर प्रबंधन, आस्था के प्रति समर्पण और वित्तीय पारदर्शिता के कारण ही कंकाली मंदिर की व्यवस्थाएं लगातार सुदृढ़ हो रही हैं।
