अपराधियों में खौफ और आम जनता में पुलिस के प्रति जगाया नया विश्वास; पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेजतर्रार कार्यशैली और कानून व्यवस्था में पारदर्शिता पर जताया भरोसा
Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश शासन एवं पुलिस महकमे द्वारा कानून व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने और जिला मुख्यालय में अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया गया है। पुलिस विभाग में अपनी 35 वर्षों की निष्ठावान, बेदाग और अनुकरणीय सेवाओं के लिए विशेष पहचान रखने वाले वरिष्ठ एवं अनुभवी पुलिस निरीक्षक राजकुमार मिश्रा को जिला मुख्यालय के अति संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण थाना कोतवाली, शहडोल की कमान सौंपी गई है। अपने तीन दशक से भी अधिक के लंबे और निष्कलंक कार्यकाल में उन्होंने हमेशा कानून व्यवस्था की सर्वोच्च प्राथमिकता को सर्वोपरि माना है तथा अपनी प्रशासनिक कार्यकुशलता से हर जटिल से जटिल चुनौती का डटकर मुकाबला किया है। शहडोल जिले में विगत तीन वर्षों की पदस्थापना के दौरान उनकी सख्त कार्यशैली ने जहाँ एक ओर अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा किया है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों के मन में पुलिस प्रशासन के प्रति सुरक्षा और न्याय का विश्वास और अधिक सुदृढ़ किया है। इससे पूर्व वे संभाग के कई बड़े व महत्वपूर्ण थानों जैसे देवलोंद, सीधी और गोहपारू की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। गोहपारू में अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर मनवाया था अपनी कार्यकुशलता का लोहा,आईजी ने पूरी टीम को दिया था नकद पुरस्कार,पुलिस निरीक्षक राजकुमार मिश्रा की कार्यशैली का लोहा वरिष्ठ अधिकारी भी मानते रहे हैं। गोहपारू थाना प्रभारी रहते हुए उनके कुशल नेतृत्व और प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने एक बेहद पेचीदा और चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाते हुए ऐतिहासिक सफलता हासिल की थी। गोहपारू थाना क्षेत्र से अचानक गायब हुए एक बालक के मामले में संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), शहडोल जोन द्वारा ₹30,000 के इनाम की घोषणा की गई थी। निरीक्षक राजकुमार मिश्रा के तेजतर्रार मार्गदर्शन और पुलिस टीम के अनवरत प्रयासों के बल पर अपहृत बालक को उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खामा से सुरक्षित व सकुशल बरामद किया गया था। इस उत्कृष्ट व सराहनीय कार्य के लिए आईजी शहडोल जोन द्वारा पूरी टीम को पुरस्कृत किया गया था, जिसमें निरीक्षक राजकुमार मिश्रा को ₹6,000, उप-निरीक्षक रामानंद तिवारी को ₹8,000, तथा आरक्षक अजीत कुमार यादव एवं आरक्षक राजकुमार रघुवंशी को ₹8,000-₹8,000 का नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया था। प्रबुद्ध वर्ग और व्यापारियों ने जताई खुशी; बोले- शहर में शांति व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत जिला मुख्यालय के कोतवाली थाने की कमान एक बेहद अनुभवी और कड़क मिजाज पुलिस अधिकारी को सौंपे जाने के पुलिस प्रशासन के निर्णय का क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, सम्मानित व्यापारियों और समाजसेवियों ने खुले दिल से स्वागत किया है तथा उन्हें हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग और व्यापारियों का मानना है कि राजकुमार मिश्रा जैसे कर्मठ अधिकारी के कोतवाली कमान संभालने से शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक मजबूत होगी। शहर में अवैध गतिविधियों, गुंडागर्दी और असामाजिक तत्वों पर न सिर्फ प्रभावी अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता को त्वरित न्याय और सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। शासन एवं पुलिस महकमे के इस निर्णय को जिले में बेहतर पुलिसिंग और शांति व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
