अवैध बस संचालन पर ब्यौहारी में भारी घमासान,बिना वैध परमिट के सड़कों पर दौड़ रहीं बसें, पुलिस व परिवहन विभाग की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
Junaid Khan - शहडोल। ब्यौहारी। जिले के ब्यौहारी स्थित रेलवे तिराहे पर यात्री बसों के संचालन को लेकर विवाद अब चरम पर पहुँच गया है। क्षेत्र में 'दीपक बस सर्विस' और 'प्रयाग बस सर्विस' के बीच शुरू हुई तनातनी ने स्थानीय परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली की पोल खोलकर रख दी है। दीपक बस सर्विस के संचालक ने प्रयाग बस सर्विस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ के स्पष्ट निर्देशानुसार प्रयाग बस सर्विस का परमिट पूरी तरह रद्द किया जा चुका है। इसके बावजूद, नियमों को ठेंगा दिखाते हुए पुराने परमिट की फोटोकॉपी के सहारे शहडोल से प्रयागराज तक रोजाना धड़ल्ले से बसों का संचालन किया जा रहा है। दूसरी तरफ, प्रयाग बस सर्विस के कंडक्टर का आरोप है कि उनका परमिट शाम 5:20 बजे का है, लेकिन दीपक बस सर्विस के चालक जबरन अपनी गाड़ी अड़ाकर उनकी बस को आगे नहीं जाने दे रहे हैं। रेलवे तिराहे पर रोजाना बन रही इस टकराव की स्थिति से कभी भी बड़ी हिंसक झड़प या दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
अधिकारियों की चुप्पी और कागजी खानापूर्ति पर उठे सवाल, क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और चिंताजनक पहलू क्षेत्रीय पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग की संदिग्ध खामोशी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी लिखित शिकायत परिवहन अधिकारी शहडोल, थाना प्रभारी ब्यौहारी और थाना रीवा में भी दर्ज कराई जा चुकी है। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है और आज तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। सवाल यह उठता है कि जब न्यायालय के आदेश पर परमिट निरस्त हो चुका है, तो आरटीओ और स्थानीय पुलिस अमला अवैध संचालन रोकने में नाकाम क्यों साबित हो रहा है? क्या परिवहन विभाग किसी बड़ी अनहोनी या कानून-व्यवस्था बिगड़ने का इंतजार कर रहा है? एक तरफ जहाँ शासन-प्रशासन यातायात नियमों के कड़े पालन और सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं धरातल पर शहडोल से प्रयागराज रूट पर बिना वैध परमिट के दौड़ रही बसें पुलिस और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
प्रशासनिक कसावट की दरकार: यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठे तो सड़कों पर बिगड़ेगा माहौल
रेलवे तिराहा जैसे व्यस्त चौराहे पर यात्री बसों की इस खींचतान और नियमविरुद्ध संचालन से आम यात्रियों की जान-माल जोखिम में बनी रहती है। दीपक बस सर्विस के संचालक ने एक बार फिर जिला परिवहन अधिकारी और पुलिस प्रशासन से अविलंब संज्ञान लेकर निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। यदि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग समय रहते फर्जी परमिट और अवैध संचालन करने वाले भू-माफियाओं और ट्रांसपोर्टरों पर चाबुक नहीं चलाता, तो शासन की साख पर बट्टा लगना तय है। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और यात्रियों ने माँग की है कि रीवा-शहडोल रूट पर चल रही सभी बसों के परमिट की सघन चेकिंग की जाए और फर्जी दस्तावेजों के जरिए यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संचालकों पर एफआईआर दर्ज कर बसों को तुरंत जब्त किया जाए। अब देखना यह है कि ब्यौहारी पुलिस और शहडोल आरटीओ इस मामले में कब नींद से जागते हैं और क्या सख्त कदम उठाते हैं।
