खाकी की मनमानी पर भड़का वकील समुदाय,पुलिसकर्मी रोहित यादव पर बर्बरता का आरोप

वकीलों ने चेताया-07 दिन में निलंबन और कार्रवाई,नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन 

बुढार बस स्टैंड पर डायल 112 में पदस्थ आरक्षक ने अधिवक्ता अविनाश पाठक के साथ की मारपीट,जिला अधिवक्ता संघ ने SP को सौंपा ज्ञापन, झूठी FIR 785/2026 में खात्मा लगाने व निष्पक्ष न्याय की उठाई मांग।



Junaid Khan - शहडोल। कानून की रक्षा का दम भरने वाली पुलिस जब खुद भक्षक बन जाए, तो जनता न्याय की गुहार कहां लगाए? ऐसा ही एक गंभीर और स्तब्ध कर देने वाला मामला जिले के बुढार थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां जनसुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी द्वारा कानून के रखवाले अधिवक्ता पर ही बर्बरतापूर्वक हमला करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 31 अक्टूबर 2026 को बुढार बस स्टैंड पर डायल 112 वाहन में तैनात पुलिसकर्मी रोहित यादव ने अधिवक्ता श्री अविनाश कुमार पाठक के साथ सरेराह गाली-गलौज करते हुए पाइप से बेरहमी से मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। इस दौरान जब बीच-बचाव करने कुछ लोग आए, तो खाकी के नशे में चूर पुलिसकर्मी ने उनके साथ भी हाथापाई की। इस अमानवीय घटना में अधिवक्ता पाठक के सिर तथा शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। रक्षक के इस असंवैधानिक और निरंकुश आचरण से न केवल आमजन स्तब्ध है, बल्कि पूरा वकील समुदाय आक्रोश की आग में सुलग रहा है। अधिवक्ता संघ ने खोला मोर्चा, निष्पक्ष जांच व खात्मे की मांग। घटना के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ शहडोल ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन और शासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल एवं सचिव अनिल कुमार तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक शहडोल को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने स्पष्ट किया कि आरोपी पुलिसकर्मी रोहित यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उसके विरुद्ध कठोर आपराधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही, अधिवक्ता अविनाश पाठक के खिलाफ थाना बुढार में दर्ज अपराध क्रमांक 785/2026 में तत्काल खात्मा लगाने, पीड़ित अधिवक्ता व गवाहों को पुलिसिया दबाव व प्रताड़ना से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। वकीलों ने चेताया है कि यदि सात दिवस के भीतर मांगों पर संतोषजनक लिखित कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया, तो अधिवक्ता संघ उग्र आंदोलन और न्यायालयीन कार्य बहिष्कार के लिए विवश होगा। प्रशासन की साख दांव पर, क्या निष्पक्ष न्याय दे पाएगी सरकार? इस पूरे मामले में एक ओर जहां पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल, उपाध्यक्ष सतीश कुमार पाठक, सचिव अनिल कुमार तिवारी, सहसचिव राकेश गोले, कोषाध्यक्ष गगन कुमार वर्मा और कार्यकारिणी सदस्य (राकेश जायसवाल, पुरुषोत्तमदास गुप्ता, देवेश मिश्रा, पुष्पेंद्र सिंह) दृढ़ता से डटे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। देखना यह होगा कि जिला पुलिस कप्तान और प्रदेश की सरकार अपने ही महकमे के आरोपी सिपाही पर त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई कर कानून के इकबाल को बुलंद करती है या फिर वकीलों का यह आक्रोश बड़े जन-आंदोलन का रूप लेता है।

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