बाल दिवस पर शालनी कोल को मिला नई जिंदगी का अनमोल उपहार
Junaid khan - शहडोल। गुरूवार, 20 नवम्बर , 2025, को डर से उम्मीद तक" बाल दिवस के अवसर पर शहडोल जिले के ग्राम भमरहा की निवासी 6 वर्षीय शालनी कोल को नई जिंदगी का अनमोल उपहार मिला है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा सभी नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु अनेक योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में से एक राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम है, जो 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए वरदान साबित हो रहा है। शालनी पिछले कई दिनों से सर्दी, खांसी और निमोनिया जैसी गंभीर समस्याओं से पीड़ित थी। लगातार बिगड़ते स्वास्थ्य को देख माता-पिता एवं परिवार बेहद चिंतित रहता था। इसी बीच जिला चिकित्सालय परिसर में आयोजित निःशुल्क हृदय रोग शिविर में उसकी जांच की गई, जिसमें पता चला कि शालनी हृदय रोग से ग्रसित है। आरबीएसके टीम द्वारा शालनी के अभिभावकों को विस्तृत जानकारी देकर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उसका उपचार कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। टीम के प्रयासों से 14 नवंबर को नारायण हेल्थ एस. आर. सी. सी अस्पताल मुंबई में शालनी का सफल ऑपरेशन कराया गया। अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है। शालनी के पिता श्री धेनू कोल ने कहा कि “मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर थी, मैं अपनी बच्ची का उपचार बड़े शहर में नहीं करा सकता था। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कारण मेरी बेटी को बाल दिवस पर नई और स्वस्थ जिंदगी मिली है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक सुश्री कंचन पटेल एवं आरबीएसके टीम के सामूहिक प्रयासों से यह कार्य संभव हो पाया। उन्होंने कहा“बाल दिवस, जो बच्चों की खुशियों का प्रतीक है, शालनी के लिए नई जिंदगी का उपहार बन कर आया है।
