न्याय व्यवस्था सुदृढ़ीकरण पर जोर,शाहडोल अधिवक्ता संघ ने कहा,माँगें मंजूर हों तो न्याय प्रणाली होगी मजबूत’
Junaid khan - शहडोल। 03 दिसंबर 2025 को जिला अधिवक्ता संघ शाहडोल (म.प्र.) ने अधिवक्ता दिवस के अवसर पर न्यायिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण तथा अधिवक्ताओं के सर्वांगीण कल्याण हेतु 05 सूत्रीय माँगपत्र मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव को भेजा। संघ की कार्यकारिणी बैठक में पास प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल एड. ने की, जिसमें उपाध्यक्ष सतीश कुमार पाठक, सचिव अनिल तिवारी, सहसचिव राकेश गोले, कोषाध्यक्ष गगन कुमार वर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री को भेजी गई प्रमुख माँगें
1.नव अधिवक्ताओं हेतु पाँच वर्ष तक 10,000 रुपये मासिक स्टाइपेंड। न्यायालयीन अभ्यास के प्रारंभिक वर्षों में आर्थिक संकट से जूझ रहे नव अधिवक्ताओं को समर्थन देने हेतु राशि प्रदान करने की माँग की गई। संघ का कहना है कि स्टाइपेंड मिलने से नए अधिवक्ता न्याय प्रणाली में मजबूती से योगदान दे सकेंगे।
2.60 वर्ष अथवा 35 वर्ष की सतत वकालत पूर्ण करने वालों हेतु 50,000 रुपये मासिक पेंशन। वकीलों को न्यायिक आधार संरचना की रीढ़ बताया गया। संघ ने कहा सेवा निवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन हेतु पेंशन अनिवार्य है।
3.अधिवक्ताओं व उनके परिवारों हेतु सामूहिक स्वास्थ्य बीमा व 10 लाख कैशलेस उपचार योजना। गंभीर बीमारियों तथा आपदा स्थितियों में अनेक वकील आर्थिक संकट का सामना करते हैं। इसलिए मान्यता प्राप्त अस्पतालों में 10 लाख तक कैशलेस उपचार तथा 05 लाख तक गंभीर रोगों की सुविधा की माँग।
4.प्रैक्टिसरत अधिवक्ताओं की मृत्यु पर परिजनों को 10 लाख आर्थिक सहायता। अचानक मृत्यु पर परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है, इसलिए तत्काल राहत राशि की माँग।
5.जिला अधिवक्ता संघ में ई–लाइब्रेरी हेतु 10 लाख की आर्थिक सहायता। न्यायिक प्रणाली को डिजिटल रूप से सुदृढ़ करने और अधिवक्ताओं को आधुनिक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का प्रस्ताव।
संघ का बयान
अध्यक्ष राकेश सिंह बघेल ने कहा। यह माँगें केवल अधिवक्ताओं के लिए नहीं, बल्कि पूरी न्यायिक प्रणाली को अधिक सक्षम व जनमित्र बनाने हेतु आवश्यक हैं। सरकार से अपेक्षा है कि गंभीरता से इन्हें शीघ्र मंजूर करेगी।
कार्यकारिणी सदस्य
राकेश सिंह बघेल (अध्यक्ष), सतीश कुमार पाठक (उपाध्यक्ष), अनिल तिवारी (सचिव), राकेश गोले (सहसचिव), गगन कुमार वर्मा (कोषाध्यक्ष), पुखराज गुता, रमेश जायसवाल, देशराज मिश्रा, पुष्पेन्द्र सिंह, आदि। उम्मीद-अब समूचे अधिवक्ता समुदाय की निगाहें मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होते हैं तो मध्यप्रदेश में वकालत जगत में ऐतिहासिक परिवर्तन संभव है।
