शहडोल में दिल दहला देने वाली घटना, बहादुर पुलिसकर्मियों को मिलेगा पुरस्कार
Junaid khan - शहडोल। 112 लगाओ, पुलिस बुलाओ यह वाक्य शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में सचमुच तीन जिंदगियों का रक्षक बन गया। ग्राम शाही में ससुराल पहुंचे दामाद और उसके परिजनों पर इतनी बर्बरता हुई कि कुछ मिनट और देर हो जाती, तो एक युवक की लाश बिजली के पोल से लटकती मिलती और उसका पिता आग के हवाले कर दिया जाता। समय पर पहुंची डायल 112 की टीम ने न केवल तीन लोगों को मौत के मुंह से निकाला, बल्कि पूरे गांव में फैली सनसनी के बीच जीवनदान देकर मानवता की मिसाल पेश की। मिली जानकारी के अनुसार, शाही गांव का अनिल केवट पत्नी काजल को लेने मायके पहुंचा था। दोनों का प्रेम विवाह विवादों के चलते टूटने की कगार पर था। बात सुधारने के बजाय बिगड़ गई और काजल के मायके पक्ष के लोग अनिल पर टूट पड़े। हमलावरों ने दामाद अनिल को बिजली के पोल से रस्सी बांधकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया, उधर अनिल के पिता रामप्रसाद को गांव में दौड़ा-दौड़ाकर मारा गया। जान बचाने के लिए वह एक घर में घुसकर अंदर से दरवाजा बंद कर छुप गए, पर हमलावरों ने दरवाजा पीटते हुए उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की तैयारी कर ली थी, इसी दौरान अनिल का भाई दिनेश भी हमले में गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर बेहोश पड़ा था, लेकिन तभी मौके पर पहुंची डायल 112 की टीम ने स्थिति संभाली। तीनों को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाकर सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया।
कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा
यदि डायल 112 कुछ मिनट देर कर देती, तो अनिल खंभे से बंधा अधमरा नहीं, बल्कि मृत मिलता उसके पिता राख में बदल दिए जाते, और भाई गंभीर चोटों में जान गंवा देता। डायल 112 की तत्परता ने तीन जिंदगियां बचाकर एक बार फिर साबित कर दिया खतरे में हो जान, 112 लगाओ, पुलिस बुलाओ। एसपी रामजी श्रीवास्तव का कहना है कि डायल 112 के कर्मचारियों ने अच्छा काम किया है, इसके लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि 112 पर गलत सूचना न दे।
