आदिवासी महिला को 43 लाख की साइबर धोखाधड़ी से बचाया,मानवता की मिसाल बने रामनारायण मिश्रा

शहडोल से नोएडा तक 995 किलोमीटर का सफर, पीड़ित महिला की सहायता को पहुँचे मानव अधिकार के जिला अध्यक्ष 


Junaid khan - शहडोल। भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष रामनारायण मिश्र ने पीड़ित आदिवासी महिला की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है। मानव अधिकार के जिला अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया एक बार फिर से  दिल्ली आना हुआ उन्होंने बताया हमारे ग्रह क्षेत्र गोहपारू शहडोल के बगल के गांव धोंनहा की आदिवासी समाज की सीधी-साधी महिला संतोषी सिंह जिनका बड़ा बेटा पुणे में काम करने गया था, जहां वह काम कर रहा था, उसी कंपनी से उसका मोबाइल फ़ोन चोरी हो गया, जिसे कोई अज्ञात व्यक्ति उपयोग करने लगा था, उसने इनके मोबाइल सिम से किसी के खाते फ्रॉड कर43 लाख रु की राशि आहरण कर ली थीं, पीड़ित व्यक्तियो ने थाना सेक्टर 20 नोएडा दिल्ली में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जांच के दौरान थाना नोएडा ने पाया कि जिस धोखाधड़ी में उक्त सिम का उपयोग हो रहा है वह हमारे गांव की आदिवासी महिला संतोषी सिंह का नंबर था, जिन्हें किसी प्रकार की इस घटना के संबंध में कोई जानकारी भी नहीं थी, थाना गोहपारू के नोटिस के माध्यम से पीड़ित आदिवासी महिला को दिल्ली नोएडा आने की हिदायत दी गई, जिन्हे लेकर मेरा दिल्ली नोएडा थाना सेक्टर 20 आकर पीड़िता की मदद की, ताकि पीड़ित निर्दोष महिला ऐसे संगीन अपराध से बच सके, मानव अधिकार के जिला अध्यक्ष ने समस्त नागरिक से अपील की है की सभी नागरिक जन सावधानी पूर्वक अपने मोबाइल का उपयोग करे और इस तरह के हादसों के शिकार होने से बचे, इसके पहले भी रामनारायण मिश्रा ने 2000 किलोमीटर दूर पहुंचकर बेंगलुरु में भी एक पीड़ित आदिवासी की मदद कर समाज को सहयोग करने का संदेश दिया था, एक बार फिर से अपने निवास से 995 किलोमीटर दूर पहुंचकर जिला अध्यक्ष ने मानवता की अनुपम मिसाल पेस की है समाज सदा ऐसे समाजसेवियों का ऋणी रहेगा।

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