शासकीय सीनियर आदिवासी बालक छात्रावास के छात्र गंदा पानी पीने को मजबूर

छात्रावास के छात्रों ने लगाया आरोप हॉस्टल अधीक्षक देते नहीं ध्यान 

गंदा पानी पीने से छात्रावास के बच्चों को गंभीर बीमारियों का बना रहता है खतरा



Junaid khan - शहडोल। जिला के टेघा ग्राम में एक ऐसा छात्रावास जहां बच्चे गंदा पानी पीने को मजबूर है वीडियो देखने के बाद जब हॉस्टल अधीक्षक सोमनाथ सिंह से संबंध में बात करनी चाहिए तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कुछ भी कहने से मना कर दिया और कैमरे से दूर भागते नजर आए। यहां तक की उन्होंने फोन उठाना भी उचित नहीं समझा। हॉस्टल के छात्रों का कहना था कि छात्रावास के बच्चों का कहना है कि छात्रावास में लेट्रिंग बाथरूम की कभी सफाई नहीं होती गंदगी से बीमारियों का खतरा बना रहता है बचे हुए भोजन को खुली जगह पर फेंक दिया जाता है जो हॉस्टल के अंदर दो-दो तीन दिनों तक रखा सड़ता रहता है जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। कई दिनों से हॉस्टल में गंदा पानी आ रहा है मजबूरी में हॉस्टल के छात्रों को गंदा पानी पीना पड़ता है जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है इस बात की शिकायत कई बार हॉस्टल अधीक्षक को की गई लेकिन उनके द्वारा कोई कम नहीं उठाया गया और कहा गया कि जो पानी है वही पीना पड़ेगा ऐसे अधीक्षक के ऊपर अब क्या कार्रवाई होती है यह देखना है।

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