18 फरवरी को नजर आया रमज़ान का चाँद,19 फरवरी से शुरू होगा पवित्र माह-ए-रमज़ान

देशभर की रूयते हिलाल कमेटियों और शरई इदारों ने किया आधिकारिक ऐलान 


Junaid khan - शहडोल। नई दिल्ली लखनऊ/पटना विदिशा,भोपाल,18 फरवरी 2026। देशभर की विभिन्न रूयते हिलाल कमेटियों एवं शरई इदारों ने मंगलवार शाम रमज़ानुल मुबारक 1447 हिजरी का चाँद नजर आने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। इसके साथ ही बुधवार, 19 फरवरी 2026 से पवित्र रमज़ान माह की शुरुआत होगी और पहला रोज़ा रखा जाएगा। मध्यप्रदेश के विदिशा स्थित रूयते हिलाल कमेटी ने अपने जारी बयान में बताया कि 29 शाबान 1447 हिजरी, मुताबिक 18 फरवरी 2026 को चाँद देखे जाने की तस्दीक़ की गई है। कमेटी ने समस्त मुस्लिम समाज को रमज़ान की मुबारकबाद पेश करते हुए इबादत, रोज़ा, तरावीह और नेक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। इसी क्रम में पटना (फुलवारी शरीफ) स्थित दारुल क़ज़ा इमारत-ए-शरिया,बिहार-ओडिशा-झारखंड ने भी चाँद नजर आने की पुष्टि करते हुए ऐलान किया कि 19 फरवरी से रमज़ानुल मुबारक की शुरुआत होगी। जारी बयान में कहा गया कि विभिन्न स्थानों से चाँद देखे जाने की गवाहियाँ प्राप्त हुईं, जिनकी शरई तस्दीक़ के बाद आधिकारिक घोषणा की गई। लखनऊ की मरकज़ी चाँद कमेटी (फरंगी महल) ने भी अपने पत्र में बताया कि मंगलवार को रमज़ान का चाँद दिखाई दिया है। कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से चाँद देखे जाने की जानकारी मिलने के बाद यह फैसला लिया गया। झारखंड के गिरिडीह स्थित दारुल उलूम हज़रत बिलाल और संबंधित शरई इदारों ने भी अपने-अपने लेटरहेड पर जारी सूचना में रमज़ान की शुरुआत 19 फरवरी से होने की पुष्टि की है।

इबादत सब्र और रहमत का महीना

रमज़ान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना माना जाता है। इस महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं, पाँच वक्त की नमाज़ के साथ तरावीह अदा करते हैं और ज़कात-फितरा अदा कर जरूरतमंदों की मदद करते हैं। मस्जिदों में विशेष तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं। बाज़ारों में भी रौनक बढ़ गई है और लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक विद्वानों ने लोगों से अपील की है कि रमज़ान के पवित्र महीने में आपसी भाईचारा, अमन और सौहार्द बनाए रखें तथा समाज के जरूरतमंद तबकों की मदद करें।

चाँद कमेटियों की अपील रूयते हिलाल कमेटियों और उलेमा-ए-कराम ने सभी से अपील की है कि रमज़ान को पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाएं, नमाज़, रोज़ा और कुरआन की तिलावत पर विशेष ध्यान दें तथा देश में शांति, सद्भाव और तरक्की के लिए दुआ करें।

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