विकसित भारत के संकल्प पर आधारित प्रदेश के समग्र विकास का बजट
Junaid khan - शहडोल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा बुधवार को प्रस्तुत बजट का मुख्य फोकस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प गरीब कल्याण, युवा शक्ति, अन्नदाता, नारी शक्ति, इन्फ्रास्ट्रकचर, इन्डस्ट्री का सर्वांगीण विकास है भाजपा जिला मीडिया प्रभारी विनय केवट ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं वित्त विकास निगम की पूर्व अध्यक्ष एवं शहडोल भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती अमिता चपरा ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा की आज प्रस्तुत बजट यह बजट सामाजिक सुरक्षा, कृषि सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक निवेश और अधोसंरचना विकास के संतुलित संयोजन के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। श्रीमती चपरा ने बताया कि बजट में सभी वर्गों के कल्याण के लिए समुचति प्रावधान किये गए हैं। उन्होंने कहा है कि बजट में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 531 करोड़ अधिक राशि का प्रावधान किया गया है। इससे विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आयेगी। पिछले दो वर्ष की तुलना में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय ₹1,41,000 से बढ़कर ₹1,69,000 हो गई है, यह 19.25 प्रतिशत की वृद्धि सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है।
यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस करता है-श्रीमती चपरा
जिससे समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बजट में गौशालाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं तथा 1 लाख सोलर पंप किसानों को देने की तैयारी की गई है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है और फसल बीमा के लिए ₹1,300 करोड़ का प्रावधान किया गया है। महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ‘लाड़ली बहना योजना’ के लिए 23,000 हजार करोड़ से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 महिला हॉस्टल के निर्माण तथा उनकी सुरक्षा और पेंशन पर विशेष जोर दिया गया है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹25,000 करोड़ के ऋण प्रावधान किए गए हैं तथा खेलों के विकास के लिए ₹815 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विकास हेतु मजरे-टोले की सड़कों के लिए ₹21,000 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में 294 नए विद्यालय स्थापित करने की तैयारी है, जिससे प्रदेश में शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। वीबीजी रामजी योजना के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। अब गांवों को खुद निर्णय का अधिकार केन्द्र और राज्य सरकार दे रही है। पहली बार बच्चों को ट्रेटा दूध दिया जाएगा। उसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लगभग ₹23,000 करोड़ का प्रावधान कर चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसके साथ ही 472 नई ई-बस सेवाओं की शुरुआत कर शहरी परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। ₹1,00,000 करोड़ से अधिक का पूंजीगत व्यय प्रदेश में अधोसंरचना और विकास कार्यों को नई गति देगा। यह बजट वर्ष 2047 तक विकसित प्रदेश के विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और यह हर वर्ग को सशक्त बनाने वाला संतुलित, समावेशी एवं विकासोन्मुख बजट है।
