रौशनियों और दुआओं के नूरानी साए में दारुलउलूम हबीबिया का दस्तारबंदी जलसा मुनअकिद

रौशनियों और दुआओं के नूरानी साए में दारुलउलूम हबीबिया का दस्तारबंदी जलसा मुनअकिद



Junaid khan - शहडोल। धनपुरी 10 फरवरी जलसा सीरतुन्नबी व दस्तारबंदी के मौके पर दारुल उलूम हबीबिया धनपुरी शहडोल म.प्र. में मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026 को नमाज़-ए-इशा के रात 9:00 के बाद दस्तारबंदी जलसा पूरे शान-ओ-शौकत के साथ मुनअकिद किया गया। जलसे की सदारत काज़ी शहडोल व नाज़िम व सदर उलमा ज़िला शहडोल जनाब हाजी मौलाना मुनीर अहमद साहब दामतबरकातहुंम ने फ़रमाई और बतौर मेहमान-ए-ख़ुसूसी उस्ताज़ुल हदीस, मुफस्सिर-ए-क़ुरआन हज़रत मौलाना मुसर्रत हुसैनसाहब दामतबरकातुहुम (उस्ताद हदीस जामिया अरबिया हथौड़ा, नात ख़ां कारी सिराज साहब उस्ताद जामिया अरबिया ) ने खुशूसी शिरकत की। प्रोग्राम में शहर व आसपास के इलाके से तशरीफ़ लाए मुअज़्ज़ज़ उलमा-ए-किराम व आइम्मा-ए-इज़ाम ने स्टेट की रौनक बढ़ाई। इदारे के छात्रों ने तिलावत-ए-क़ुरआन, हम्द, नात तथा समसामयिक विषयों पर प्रभावी तक़रीरें पेश कि जिसकी लोगों ने बहुत सराहना की। इस अवसर पर इदारे से इस वर्ष फ़ारिग़ होने वाले 09 हाफ़िज़ छात्रों की अकाबिर-ए-उलमा के हाथों दस्तारबंदी की गई तथा उन्हें प्रमाण-पत्र, शील्ड, क़ुरआन-ए-मजीद व अन्य इनामों से नवाज़ा गया और साथ ही मदरसा के असातिज़ा, खादिमीन और मेहमान-ए-ख़ुसूसी का भी सम्मान किया गया। उल्लेखनीय है कि मदरसा में दीनी तालीम के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा की भी व्यवस्था है, जिसमें कंप्यूटर शिक्षा शामिल है। कंप्यूटर मास्टर प्रो.खालिद इक़बाल बिन मौलाना मुनीर साहब ने कहा कि यहाँ इस्लामी माहौल में आधुनिक व बुनियादी दीनी शिक्षा दी जा रही है। मेहमान-ए-ख़ुसूसी मौलाना मसर्रत हुसैन साहब साहब ने, कुरआन इस्लाह-ए- मुआशरा और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत व प्रभावशाली बयान दिये तथा दारुलउलूम हबीबिया की शैक्षणिक व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए दुआओं से नवाज़ा। जलसे के अंत में सदर-ए-दारुल उलूम हबीबिया हाजी मौलाना मुनीर साहब ने क़ुरआन, मसाजिद, मकातिब की अहमियत व इदारे कि सेवाओं पर रोशनी डाली और लोगों से अधिक बढ़ चढ़ कर मदद की गुजारिश की है। मेहमान-ए-ख़ुसूसी कारी ज. सिराज साहब ने बहुत उम्दा सलाम पढ़ा जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया और दुआ के साथ जलसे का समापन अमन व आफ़ियत के साथ हुआ। देर रात तक चले इस जलसे में बड़ी संख्या में उलमा, आइम्मा और आम लोगों ने शिरकत की और सभी लोगों ने मदरसे की नाजिम हाजी मौलाना मुनीर साहब कि खुले दिल से तारीफ की और और दुआ की की अल्लाह हजरत मौलाना मुनीर अहमद साहब की खिदमतों को अपनी बारगाह में कबूल फरमाए और मदरसे को मजिद तरक्की अता फरमाए आमीन या रब्बुल आलमीन।

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