चलती कार बनी आग का गोला,परिवार बाल-बाल बचा शहडोल में आधी रात का खौफनाक मंजर

पुलिस नगरपालिका की लापरवाही ने खड़े किए गंभीर सवाल


Junaid khan - शहडोल। जिला मुख्यालय के हृदय स्थल सरावगी पेट्रोल पंप चौपाटी के सामने शनिवार रविवार की दरम्यानी रात करीब 11 बजे उस वक्त अफरा तफरी मच गई, जब सड़क पर दौड़ रही एक मारुति अर्टिका अचानक भीषण आग का गोला बन गई। चंद सेकेंड में कार धू धू कर जल उठी। गनीमत रही कि चालक की सूझबूझ और बहादुरी से कार में सवार पूरा परिवार सुरक्षित बाहर निकल आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

बोनट से उठा धुआं, पलक झपकते ही जलकर खाक 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार जैसे ही सरावगी पेट्रोल पंप के सामने पहुंची, तभी बोनट से धुआं उठता दिखा। खतरे को भांपते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी रोकी और बिना देरी किए परिवार के सभी सदस्यों को बाहर निकाला। इसके कुछ ही क्षण बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। कार में रखा कीमती सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गया।

फायर ब्रिगेड आधा घंटा लेट, तब तक सब कुछ खत्म

घटना की सूचना तत्काल नगर पालिका को दी गई, लेकिन आरोप है कि फायर ब्रिगेड करीब आधा घंटा देरी से मौके पर पहुंची। जब तक दमकल वाहन आया, कार पूरी तरह जल चुकी थी। इस लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पीयूष शुक्ला ने कहा कि समय पर दमकल पहुंचती तो नुकसान कम हो सकता था।

कोतवाली पास, फिर भी पुलिस नदारद 

हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल कोतवाली थाना से बेहद नजदीक होने के बावजूद कई घंटों तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। सड़क पर जली हालत में कार खड़ी रही, लोगों की भीड़ जुटी, वीडियो फोटो बनते रहे, लेकिन पुलिस की मौजूदगी नजर नहीं आई। इतना ही नहीं,अगली सुबह तक जली कार बीच सड़क पर पड़ी रही, जिससे यातायात और सुरक्षा दोनों पर सवाल खड़े हो गए।

परिवार सदमे में, महिलाएं दहशत में

बताया जा रहा है कि यह ट्रैवल्स की कार थी, जिसमें वरिष्ठ बीजेपी नेता मनोज गुप्ता के परिवार के लोग सवार थे। हादसे के बाद महिलाएं काफी डरी सहमी नजर आईं। पूरा सामान जल जाने से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

सीएनजी पर भी सवाल, लोगों में दहशत 

सूत्रों के मुताबिक कार में सीएनजी किट लगी हुई थी और आशंका जताई जा रही है कि आग लगने का कारण यही हो सकता है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है, तो सीएनजी वाहनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा होगा और आम लोग ऐसी गाड़ियां लेने से पहले कई बार सोचने को मजबूर होंगे।

प्रशासन की लापरवाही या इंतज़ामों की पोल? 

यह घटना सिर्फ एक कार के जलने की नहीं, बल्कि पुलिस और नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोलने वाली है।

फायर ब्रिगेड समय पर क्यों नहीं पहुंची? कोतवाली पास होते हुए भी पुलिस मौके पर क्यों नहीं दिखी? जली कार रात भर सड़क पर क्यों खड़ी रही? अब देखना यह है कि इस भीषण हादसे के बाद प्रशासन जागता है या फिर अगली किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार किया जाएगा। शहडोल की जनता जवाब चाहती है। आखिर कब सुधरेंगे जिम्मेदार?

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