आचरण सुधारने का प्रशिक्षण काल है रमजान का महीना - श्री साजिद खान
Junaid khan - शहडोल। धनपुरी प्रदेश के युवा पत्रकार इस्लामी साहित्यकार साजिद खान धनपुरी ने 19 फरवरी 2026 से शुरू हो रहे रमजान के महीने पर प्रेस को जारी अपने इस्तकबाले रमजान ( स्वागत रमजान) के अपने बयान में कहा कि रमजान का महीना सब्र, तकवा (आत्म संयम), रमजान में भूखे प्यासे रहकर रोजे रख जाते हैं ताकि भूख प्यास क्या है इसका एहसास हो और हम गरीबों कमजोरों के काम आए अपने से कमजोरों की मदद करें, अपने पालनहार की अल्लाह की इबादत और उसके हुक्म और पैगंबरें इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आदर्श के अनुसार जिंदगी गुजारने का संकल्प करने का यह महीना है यह महीना बुराइयों बदकारियों से दूर रहने, नेकी के रास्ते पर चलने का प्रशिक्षण देता है कि आगामी 11 महीने हमें नेकी व भलाई के राह पर चलते हुए जिंदगी गुजारना है रमजान का महीना लोगों को उनकी सामाजी जिम्मेदारियां याद कराता है। उन्होंने कुरान को तर्जुमा (अनुवाद) और तफसीर (व्याख्या) के साथ समझकर लोगों से पढ़ने की गुजारिश की और कहा कि कुरान हिदायत (सन्मार्ग) की किताब है इससे हिदायत तभी हासिल होगी जब इसे हम समझ कर पढ़ेंगे और उसके पैगाम पर अमल करेंगे और उन्होंने कहा अल्लाह हम सभी को रमजान का मुबारक व मुकद्दस महीना अता फरमाए और जो लोग हम सबके बीच से इस दुनिया को छोड़कर अपने पालनहार अल्लाह से जा मिले है अल्लाह उनकी बख्शीश फरमाए और उनके दरजात को बुलंद फरमाए आमीन।
