बड़ी भीट तालाब के पास बवाल: मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर उत्पात का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

बड़ी भीट तालाब के पास बवाल: मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर उत्पात का आरोप, पुलिस जांच में जुटी 


Junaid khan - शहडोल। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ी भीट तालाब के पास मंगलवार देर रात धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक बवाल की स्थिति निर्मित हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मेडिकल कॉलेज के कुछ छात्र एवं उनके साथियों ने न केवल उत्पात मचाया, बल्कि विरोध करने पर मारपीट भी की। घटना के बाद दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे, जहां पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सुंदरकांड पाठ के दौरान शुरू हुआ विवाद 

जानकारी के अनुसार बड़ी भीट स्थित राम दरबार में मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ कराया जा रहा था। कार्यक्रम देर रात तक चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात लगभग 11 बजे तालाब के पास दो युवक एवं पांच युवतियां जोर-जोर से बातचीत कर रहे थे, जिससे धार्मिक आयोजन में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। राम दरबार से बाहर निकले अमर मिश्रा ने जब युवाओं को शोर-शराबा न करने की समझाइश दी, तो वे उनसे उलझ पड़े। बताया जाता है कि युवतियां वहां से चली गईं, लेकिन कुछ देर बाद संबंधित युवकों ने फोन कर 50-60 अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि बुलाए गए अधिकांश युवक मेडिकल कॉलेज के छात्र थे। जमकर हंगामा और मारपीट भीड़ जुटने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी मारपीट में बदल गई। इस दौरान अमर मिश्रा एवं सतीश नामक युवक को चोटें आईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। डायल 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि कुछ युवाओं ने पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता की। इसके बाद दोनों पक्षों को रात लगभग 12 बजे कोतवाली लाया गया। सूत्रों के अनुसार, कोतवाली परिसर में भी कुछ छात्र नशे की हालत में अभद्र व्यवहार करते रहे। 

पहले भी हो चुके हैं विवाद

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर शहर में उत्पात मचाने के आरोप लगे हों। सोहागपुर थाने में पूर्व में दो बार एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, कुछ छात्र समूह बनाकर रात के समय विभिन्न होटलों, ढाबों एवं सुनसान इलाकों में घूमते रहते हैं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बना देते हैं। इससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

रात 9 बजे के बाद रोक, फिर बाहर कैसे?

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब मेडिकल कॉलेज परिसर से रात 9 बजे के बाद बाहर निकलने पर प्रतिबंध है, तो इतनी बड़ी संख्या में छात्र शहर में कैसे पहुंच गए? नागरिकों ने प्रशासन से इस व्यवस्था की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। जांच के निर्देश, होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई घटना को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. जी.बी. रामटेके ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि छात्र दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि रात 9 बजे के बाद परिसर से बाहर निकलने पर रोक के बावजूद छात्र बाहर कैसे गए। पुलिस कर रही जांच कोतवाली पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों की ओर से शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बड़ी भीट क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन शहर में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

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