दावेदारों की बढ़ी धड़कनें, भाजयुमो जिलाध्यक्ष चयन को लेकर हाईकमान सक्रिय

भोपाल दरबार में दस्तक दे रहे दावेदार, जिले में गरमाई युवा राजनीति


Junaid khan - शहडोल। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। भोपाल में संगठन के शीर्ष नेताओं के बीच मंथन का दौर तेज हो गया है, वहीं जिले से आधा दर्जन से अधिक दावेदारों के नाम हाईकमान तक पहुंचने से स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है। दावेदारों की बढ़ती सक्रियता और गुटबाजी की सुगबुगाहट ने चुनाव को और भी रोचक बना दिया है। सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों ने वरिष्ठता, संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता के आधार पर कई नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजे हैं। इनमें ऐसे चेहरे भी शामिल हैं, जो लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहकर विभिन्न आंदोलनों और कार्यक्रमों में अग्रिम पंक्ति में दिखाई देते रहे हैं। वहीं कुछ युवा चेहरे भी मैदान में हैं, जो अपनी मजबूत पकड़ और सोशल मीडिया पर सक्रियता के दम पर दावेदारी ठोक रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर प्रत्येक दावेदार की कार्यशैली, संगठन के प्रति निष्ठा और पिछले चुनावों में निभाई गई भूमिका का आकलन किया जा रहा है। भोपाल में चल रही बैठकों में इस बात पर भी विचार हो रहा है कि आने वाले समय में युवा मोर्चा को किस तरह आक्रामक और प्रभावी बनाया जाए। ऐसे में जिलाध्यक्ष का चयन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी रणनीति की बुनियाद माना जा रहा है। इधर जिले में दावेदारों की सक्रियता अचानक बढ़ गई है। संगठन के कार्यक्रमों में उपस्थिति, वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात और समर्थकों के साथ बैठकें सब कुछ तेजी से हो रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कुछ दावेदारों ने भोपाल में डेरा डाल रखा है और लगातार संपर्क साधे हुए हैं। समर्थक भी अपने-अपने नेता के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। संगठन से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस बार नेतृत्व ऐसा चेहरा चाहता है जो युवाओं को एकजुट कर सके और आगामी चुनावी रणनीति में ऊर्जा भर सके। ऐसे में अनुभव और जोश का संतुलन अहम माना जा रहा है। हालांकि अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व के हाथ में है, लेकिन जिस तरह से नामों को लेकर कयास और चर्चाएं चल रही हैं, उससे साफ है कि भाजयुमो जिलाध्यक्ष की कुर्सी इस बार बेहद अहम और प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। अब सबकी निगाहें भोपाल से होने वाली आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो जिले की युवा राजनीति की दिशा तय करेगी।

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