लाखों की हार से टूटे पिता ने पत्नी-बेटी को पिलाया जहर, बेटी और पिता की मौत पत्नी की हालत नाजुक
Junaid khan - शहडोल। ऑनलाइन गेम की लत और लाखों रुपये की आर्थिक बर्बादी ने एक हंसते-खेलते परिवार को ऐसा दर्दनाक अंत दे दिया, जिसने पूरे शहर को सन्न कर दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में रहने वाले 40 वर्षीय शंकर गुप्ता ने कथित रूप से पत्नी और 16 वर्षीय बेटी को जहर पिलाने के बाद स्वयं भी जहर खा लिया। इलाज के दौरान बेटी और पिता की मौत हो गई, जबकि पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
आर्थिक तंगी और कर्ज का बढ़ता दबाव
जानकारी के अनुसार पुरानी बस्ती, सत्यम वीडियो के पास रहने वाले शंकर गुप्ता को पिछले कुछ समय से ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि वह मोबाइल पर खेले जाने वाले गेम्स में लगातार बड़ी रकम दांव पर लगा रहा था। हार का सिलसिला बढ़ता गया और देखते ही देखते लाखों रुपये गंवा बैठा। सूत्रों के मुताबिक कर्ज का बोझ बढ़ने और परिजनों के सामने आर्थिक स्थिति बिगड़ने से वह मानसिक रूप से बेहद तनाव में रहने लगा था। पड़ोसियों ने भी बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह चुप-चुप और परेशान नजर आ रहा था।
कोल्डड्रिंक में मिलाया जहर मंगलवार रात कथित तौर पर शंकर ने पत्नी राजकुमारी गुप्ता (36) और पुत्री स्वाति गुप्ता (16) को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया और खुद भी जहरीला पदार्थ सेवन कर लिया। कुछ देर बाद तीनों की हालत अचानक बिगड़ गई। घर से आ रही चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़े और तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान किशोरी स्वाति गुप्ता ने दम तोड़ दिया। देर शाम शंकर की भी हालत गंभीर हो गई और उसने भी अंतिम सांस ली। पत्नी राजकुमारी का उपचार जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।
बेटा घर पर नहीं था
घटना के समय दंपति का बेटा घर पर मौजूद नहीं था, जिससे वह इस त्रासदी का शिकार होने से बच गया। परिवार पर टूटा यह दुख का पहाड़ पूरे इलाके में चर्चा और शोक का विषय बना हुआ है।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जानकारी देते हुए उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन गेम में भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव को घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके। समाज के लिए चेतावनी। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। ऑनलाइन गेमिंग की लत और बिना नियंत्रण के आर्थिक दांव-पेंच किस तरह परिवारों को बर्बादी की कगार पर ला सकते हैं, यह मामला उसी का दर्दनाक उदाहरण बनकर सामने आया है। पूरे शहडोल शहर में इस घटना के बाद शोक और स्तब्धता का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मानसिक तनाव और आर्थिक संकट पर परिवार व समाज ध्यान दे, तो ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकता है।
