समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर जीवन को सार्थक बनाएं-कुलगुरु प्रो. रामशंकर

विद्यार्थी माता-पिता की त्याग को रखें हमेशा याद- सेवानिवृत लेफ्टिनेंट जनरल श्री अनूप बनर्जी

पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ पांचवा दीक्षांत समारोह 



Junaid khan - शहडोल। 25 फरवरी 2026- कुलगुरु प्रो. राम शंकर ने कहा कि सार्थक जीवन जीना ही मनुष्य का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए। इसके लिए जीवन का ध्येय समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण का होना चाहिए। भौतिक संसाधनों से केवल क्षणिक सुख प्राप्त होता है, सच्चा आनन्द ईमानदारी, निष्ठा और त्याग से ही प्राप्त होता है। उन्होंने युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा के ग्रंथों और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें तथा उनके आदर्शों, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन को अपने आचरण में आत्मसात करें। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, संकल्प और राष्ट्र निर्माण के दायित्व को स्वीकार करने का महत्वपूर्ण क्षण है। कुलगुरु प्रोफेसर राम शंकर आज पं. शंभूनाथ विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। कुलगुरु राम शंकर ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बौद्धिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्तित्व के समग्र विकास से जुड़ा है। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुंचने और स्वयं के साथ समाज और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सतत प्रयास करने को कहा। उन्होंने कहा कि शहडोल क्षेत्र जनजातीय बहुल क्षेत्र है। यहां की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता इसे विशिष्ट बनाती है। नर्मदा उद्गम से जुड़ी पौराणिक पवित्रता और जनजातीय प्रकृति पूजा इस क्षेत्र की अनूठी पहचान है। विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि सामाजिक चेतना, विकास और विरासत के सामंजस्य का भी प्रतिनिधि है। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों की उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का ध्येय ऐसी शिक्षा प्रदान करना है जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी होने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण हो। आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देते हुए विश्वविद्यालय में एआई आधारित चौट बॉक्स भी विकसित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को त्वरित शैक्षणिक सहायता मिल रही है। साथ ही, विद्यार्थियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है, जो यहां की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्त मार्गदर्शन का प्रमाण है।

समारोह को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल, आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कोट, डायरेक्टर जनरल अनूप बनर्जी ने कहा कि दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्री प्राप्त करने का अवसर उनकी वर्षों की परिश्रम संघर्ष और धैर्य से प्राप्त हुआ है। जीवन में अनुशासन का अत्याधिक महत्व है और अनुशासन के माध्यम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जीवन सरल नहीं, बल्कि चुनौतियों से भरा होता है। असफलता अंत नहीं होती, बल्कि हर संघर्ष व्यक्ति को सफलता के और करीब ले जाती है। विद्यार्थी समाज और राष्ट्र के निर्माता होते हैं, इसलिए सभी उपाधिधारक छात्रों को अपने ज्ञान और संस्कारों से समाज व देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता के त्याग और परिश्रम को सदैव स्मरण रखना चाहिए। समाज के पिछड़े एवं गरीब लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करने की प्रेरणा दी। सपनों को ईमानदारी, नैतिकता और परिश्रम के साथ ही हासिल किया जा सकता है। इस अवसर पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संकल्प ही व्यक्ति को आगे बढ़ने की शक्ति देते हैं। सभी उपाधिधारक विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए समय के सदुपयोग पर विशेष बल दिया। आपने कहा कि समय बार-बार नहीं आता, इसलिए जो व्यक्ति समय का महत्व समझता है वही सफलता प्राप्त करता है। विद्यार्थियों को संकल्प के साथ आगे बढ़कर विश्वविद्यालय, अपने परिवार और समाज का नाम रोशन करना चाहिए। शोभायात्रा और राष्ट्रगान से गूंजा सभागार 

पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय की गरिमामयी शोभायात्रा स्वस्तिवाचन के साथ सभागार में प्रवेश करते ही पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बन गया। कुलपति प्रो. रामशंकर तथा सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल श्री अनूप बनर्जी के मंच पर आगमन के बाद ‘जन-गण-मन’ की मधुर धुन प्रस्तुत की गई, जिससे उपस्थित जनसमूह राष्ट्रभक्ति और सम्मान की भावना से अभिभूत हो उठा। अतिथिगणों का शॉल एवं स्मृति चिन्ह किया गया भेंट। पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय के समारोह में कुलगुरु प्रो. राम शंकर ने सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अनूप बनर्जी का शॉल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर गरिमापूर्ण अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से अतिथियों का स्वागत कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में कार्य परिषद के सदस्य अधिष्ठाता, कुल सचिव, गणमान्य नागरिक तथा विद्यार्थी एवं प्राध्यापक, इलेक्ट्रानिक एवं प्रिंट मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।

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