विद्यार्थियों ने जिला पुरातत्व संग्रहालय का किया भ्रमण

विद्यार्थियों ने जिला पुरातत्व संग्रहालय का किया भ्रमण


Junaid khan - शहडोल। शनिवार, 14 फरवरी 2026, को पंडित शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों ने जिला पुरातत्व संग्रहालय, शहडोल का भ्रमण किया। यह भ्रमण विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था जो मूर्ति कला से जुड़ी आजीविका विषय पर शोध कर रहे हैं। अध्ययन का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त करना नहीं, बल्कि मूर्तिकला परंपरा को स्थानीय आजीविका, सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था एवं सामुदायिक विकास से जोड़कर विश्लेषण करना था। भ्रमण के दौरान संग्रहालय के प्रभारी श्री संजय ने विद्यार्थियों को बताया कि मध्य प्रदेश के 55 जिलों में केवल 34 जिलों में संग्रहालय स्थापित है जिनमें से यह एक प्रमुख संग्रहालय है । जिला पुरातत्व एवं संग्रहालय, शहडोल की स्थापना वर्ष 1981 में की गई। इस संग्रहालय में विंध्य क्षेत्र (शहडोल एवं उमरिया) में बिखरी प्राचीन कलाकृतियों को संग्रहित एवं प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि शहडोल जिले का इतिहास प्रारंभिक पाषाण काल से आरंभ होता है। नर्मदा, सोन, जोहिला, छोटी महानदी एवं बनास नदियों की घाटियों से हस्तकुठार, खुरचनी एवं सूक्ष्म पाषाण उपकरण प्राप्त हुए हैं। जयसिंहनगर के चितराव ग्राम में चित्रित शैलाश्रय तथा मध्य पाषाण कालीन उपकरण मिले हैं। अतौली-ठेगरहा क्षेत्र में जीवाश्मों की प्रचुरता इस क्षेत्र की प्राचीनता को प्रमाणित करती है। देश में पुरातात्विक धरोहरों का संरक्षण एवं वैज्ञानिक परीक्षण मुख्यतः भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जाता है, जो काल-निर्धारण, प्रमाणिकता एवं संरक्षण सुनिश्चित करता है।

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