शांतिपूर्ण मुलाकात पर पाबंदी, शहडोल में भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप

जनहित की आवाज़ को दबाने की कोशिश, कांग्रेस बोली तानाशाही नहीं चलेगी 


Junaid khan - शहडोल। प्रदेश में लोकतंत्र की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के शहडोल जिले के बुढार आगमन से ठीक पहले शहडोल जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री अजय अवस्थी को भारी पुलिस बल के साथ उनके निवास पर नजरबंद कर गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह अलोकतांत्रिक है और सरकार की जनविरोधी सोच को उजागर करती है।

गौ-हत्या रोकने और रोजगार की मांग बना “अपराध” 

कांग्रेस नेताओं के अनुसार श्री अजय अवस्थी सैकड़ों युवाओं और कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्वक मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे। उनकी मांगें पूरी तरह जनहित से जुड़ी थीं गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, युवाओं के लिए रोजगार और जिले की बुनियादी समस्याओं का समाधान। लेकिन सरकार ने संवाद की बजाय पुलिसिया दमन का रास्ता चुना और उन्हें जबरन गिरफ्तार कर लिया।

शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलने का आरोप 

कांग्रेस का कहना है कि न कोई हिंसा थी, न कोई कानून व्यवस्था की समस्या, इसके बावजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं को रोका गया। यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि भाजपा सरकार सवालों से डरती है और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही मानसिकता का खुला प्रदर्शन है।

युवाओं में गुस्सा, सड़कों पर उतरने की चेतावनी

इस घटना के बाद जिले के युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित की मांगों को इसी तरह कुचला जाता रहा, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि युवाओं के भविष्य और गौ माता की रक्षा की लड़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी।

कांग्रेस का ऐलान दमन से नहीं दबेगी जनआवाज़

कांग्रेस ने साफ कहा है कि सरकार चाहे जितनी भी गिरफ्तारियां कर ले, लेकिन जनहित के मुद्दों से पीछे हटने वाली नहीं है। लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं है। यह लड़ाई सड़कों से सदन तक लड़ी जाएगी और भाजपा सरकार की तानाशाही नीतियों को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।

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