प्रभारी सीएमओ के भरोसे शहडोल नगर पालिका, विकास और व्यवस्था दोनों बेहाल

एक माह से अधिक समय से स्थायी सीएमओ की अनुपस्थिति, कचरा उठाव से लेकर सड़क सीवरेज कार्य तक प्रभावित


Junaid khan - शहडोल। नगर पालिका शहडोल में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) का पद एक माह से अधिक समय से प्रभारी व्यवस्था के सहारे चल रहा है, जिसका सीधा असर शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों पर पड़ता दिख रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा 29 जनवरी को जारी आदेश के तहत आशा भंडारी को नगर परिषद बदनावर (जिला धार) से स्थानांतरित कर नगर पालिका शहडोल में पदस्थ किया गया था, लेकिन वे निर्धारित समय तक यहां ज्वाइन नहीं कर सकीं। परिणामस्वरूप नगर पालिका का प्रशासनिक संचालन पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाया। इससे पहले शहडोल में पदस्थ रहे सीएमओ अक्षत बुंदेला का अधिकांश समय भोपाल में बीतने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नागरिकों का कहना है कि सीएमओ का कार्यालय और शहर में नियमित रूप से उपस्थित न रहना जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्रभावित करता है। संभागीय मुख्यालय होने के बावजूद कई इलाकों में दिनों तक कचरा नहीं उठना, सड़क डामरीकरण और सीवरेज निर्माण के बाद रेस्टोरेशन में लापरवाही जैसे मामले आम हो गए हैं, जिससे लोगों की परेशानियां समय पर दूर नहीं हो पा रहीं। नगर में यह भी चर्चा तेज है कि सीएमओ की पदस्थापना को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा अक्षत बुंदेला का तबादला छह माह पहले ही भोपाल कर दिया गया था, लेकिन शहडोल में उनके स्थान पर स्थायी सीएमओ की नियुक्ति अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी। सूत्रों की मानें तो इस बीच अलग अलग स्तरों पर पसंदीदा सीएमओ को लाने के प्रयास होते रहे। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी रही कि सांसद हिमाद्री सिंह द्वारा जिस अधिकारी के लिए पत्र लिखा गया था, उनकी पदस्थापना नहीं हो सकी। वहीं विधायक मनीषा सिंह और नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रवीण शर्मा की पसंद का नाम भी अंतिम सूची में जगह नहीं बना पाया। इन तमाम अटकलों और असहमतियों के बीच नगर पालिका प्रशासन प्रभारी व्यवस्था के भरोसे चलता रहा। शहरवासियों का कहना है कि स्थायी सीएमओ की तैनाती न होने से न सिर्फ विकास कार्यों की रफ्तार थमी है, बल्कि रोजमर्रा की नागरिक सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। लोगों की मांग है कि शासन जल्द से जल्द शहडोल नगर पालिका में पूर्णकालिक सीएमओ की नियुक्ति करे, ताकि प्रशासनिक स्थिरता आए और रुके हुए कार्यों को गति मिल सके।

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