पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय के छात्र प्रियांशु ने किया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व
Junaid khan - शहडोल। शुक्रवार, 13 फरवरी 2026, को पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल के राजनीति विज्ञान विभाग के मेधावी छात्र प्रियांशु अग्रवाल ने देश के प्रतिष्ठित संवाद कार्यक्रम “विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026” में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि पूरे शहडोल संभाग और मध्यप्रदेश का नाम गौरवान्वित किया है। स्वामी विवेकानंद वार्ड क्रमांक 5, पुराना पोस्ट ऑफिस रोड, अनूपपुर निवासी प्रियांशु वर्तमान में विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में एम.ए. (प्रथम सेमेस्टर) के छात्र हैं। वे विश्वविद्यालय सहित पूरे शहडोल संभाग से इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम के लिए चयनित एकमात्र प्रतिभागी रहे। 9 से 12 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली के प्रतिष्ठित भारत मंडपम में आयोजित अंतिम (राष्ट्रीय) चरण में उन्होंने सहभागिता की तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित प्रधानमंत्री के उद्बोधन में भी उपस्थित रहे। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। कुलपति प्रो. राम शंकर दुबे, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद पांडे, राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. चेतना सिंह सहित समस्त प्राध्यापकों ने प्रियांशु को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। टीम लीडर के रूप में किया मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कार्यक्रम के प्रथम चरण में राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के आधार पर 2,56,000 प्रतिभागियों को शॉर्टलिस्ट किया गया। दूसरे चरण में राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें प्रत्येक थीम के आधार पर पूरे प्रदेश से 50 प्रतिभागियों का चयन तीसरे चरण के लिए किया गया। तीसरे चरण में राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें चयनित प्रतिभागियों से निर्धारित थीम पर पीपीटी प्रस्तुतीकरण लिया गया। 50 प्रस्तुतियों में से शीर्ष 8 को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिसके बाद केंद्र से आए प्रतिनिधियों द्वारा नेतृत्व मूल्यांकन (साक्षात्कार) किया गया। इस प्रक्रिया में शीर्ष 6 प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर जाने का अवसर मिला। प्रियांशु ने राज्य स्तरीय पीपीटी प्रस्तुतीकरण और साक्षात्कारकृदोनों में प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा अपनी थीम में टीम लीडर के रूप में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों, विषय विशेषज्ञों एवं देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों से संवाद का अवसर प्राप्त हुआ। किसानों की जमीनी समस्याओं को प्रभावी ढंग से किया रेखांकित अपनी थीम “स्मार्ट एवं सतत कृषि के द्वारा उत्पादकता बढ़ाना” के अंतर्गत प्रियांशु ने किसानों की जमीनी समस्याओं को अत्यंत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने मृदा अपरदन, जलवायु परिवर्तन के कारण अनिश्चित मौसम, फसलों को होने वाली क्षति, जल संकट तथा खेती में कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने समाधान के रूप में नवाचारपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के बीच के अंतर को स्पष्ट करने तथा पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के समन्वय से उन्नत एवं सतत कृषि प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उनके सुझावों ने यह संदेश दिया कि कृषि क्षेत्र में संतुलित और टिकाऊ सुधारों के माध्यम से ही भारत विकसित राष्ट्र की दिशा में ठोस कदम बढ़ा सकता है। प्रियांशु की इस उल्लेखनीय उपलब्धि ने न केवल विश्वविद्यालय परिवार को गौरवान्वित किया है, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत प्रस्तुत किया है।
