मकानो की संख्या की गणना 1 मई से 30 मई तक

फील्ड मास्टर ट्रेनर्साें को दिया प्रशिक्षण 



Junaid Khan - शहडोल। 29 मार्च 2026- आगामी जनगणना कार्य को सुव्यवस्थिति एवं प्रभावी ढंग से सम्पन्न कराने के उददेष्य से जिला मुख्यालय शहडोल के शासकीय रघुराज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण तथा मकानों की गणना के कार्य हेतु 40 फील्ड मास्टर ट्रेनर्साें का तीन दिवसीय प्रषिक्षण प्रारंभ किया गया जो 30 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री सरोधन सिंह ने फील्ड मास्टर ट्रेनर्स को निर्देष दिए कि प्रषिक्षण कार्यक्रम में जनगणना से संबंधित विभिन्न पहलूओ एवं प्रक्रियाओ तथा तकनीक की जानकारी ध्यान लगाकर प्राप्त करें। मास्टर ट्रेनर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि वे फील्ड स्तर पर गणना कार्य में लगे प्रगणको एवं कर्मचारियो को प्रषिक्षित करेंगे। उन्हें घर-घर सर्वें, डेटा संकलन, डिजिटल उपकरणो के उपयोग तथा त्रुटिरहित जानकारी दर्ज करने के संबंध में मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रषिक्षित किया गया। उन्होंने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है। जिससे शासन की योजनाओ का निर्माण एवं क्रियान्वयन में सहायता मिलती है। प्रषिक्षण में बताया गया कि जनगणना का प्रथम चरण 01 मई 2026 से 30 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की जाएगी। जनगणना 2027 का दूसरा चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य मध्यप्रदेश राज्य में 01 मई से 30 मई 2026 की अवधि में किया जाना है जिसकी अधिसूचना मध्यपदेश के राजपत्र दिनांक 23 जनवरी 2026 में प्रकाशित की गई है। प्रषिक्षण में बताया गया कि मकानों को नंबर देने और मकानसूचीकरण एवं मकानसूचीकरण अनुसूची की समीक्षा से संबंधित जनगणना कार्यों को पूरा करने के लिए एक प्रगणक को आबंटित विशिष्टि क्षेत्र है। किसी भी ढांचे/भवन को नहीं छोड़ना चाहिए, मकानसूचीकरण ब्लाक सीमाओं के भीतर बिखरी हुई हुई बस्तियों या अलग-अलग भवनों को शामिल करने के लिए अत्याधिक सावधानी बरती जानी चाहिए। सामान्य रूप से सामान्य और संस्थागत परिवारों में रहने वाले व्यक्तियों की गणना की जानी है। सामान्य रूप से सामान्य और संस्थागत परिवारों में रहने वाले व्यक्तियों की गणना की जानी है, सामान्य निवासियों की गणना की जानी है, भले ही उनमें से कुछ, मकानसूचीकरण के दिन अनुपस्थित हों, आकस्मिक आगंतुकों को बाहर रखा जाना चाहिए क्योंकि उन्हें अपने सामान्य निवास स्थान पर गणना योग्य माना जाएगा, राजनयिक दर्जा रखने वाले विदेशियों और उनके परिवार के सदस्यों को सम्मिलित नही किया जाना चाहिए, मकानसूचीकरण के लिए रक्षा के तहत निषिद्ध क्षेत्रों (स्पेशल चार्ज) को शामिल नहीं किया जाएगा, भवन नंबर का अर्थ है यह सुनिश्चित करना कि मकानसूचीकरण ब्लाक में स्थित प्रत्येक भवन और जनगणना मकान को क्रम से नंबर दिये गए हों, एक मकानसूचीकरण ब्लाक में कई सड़कें शामिल हैं, सड़कों के पार भवनों को लगातार क्रमांकित किया जाना चाहिए, उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व तक सड़कों को एक समान क्रम में लिया जाना चाहिए, सड़क के एक तरफ एक ही निरंतर क्रम के साथ आगे बढ़ें और उस तरफ नंबर डालने का काम पूरा करें, फिर सड़क के दूसरी तरफ के आखिरी सिरे पर जाएँ और उसी क्रम को जारी रखें, जहां से नंबर देना प्रारंभ किए थे उसके विपरीत सामने नंबर देना बंद करें, कोई भवन बिना नंबर वाला पाया जाता है या 10 और 11 नंबर के भवनों के बीच एक नया भवन बन गया है, तो नए भवन को 10/1 के रूप में नंबर दिया जाना चाहिए जिसका अर्थ है कि भवन संख्या 10 के बाद एक अलग भवन बन गया है। प्रशिक्षण के दौरान बताया कि प्रगणक द्वारा आवंटित की गई भवन संख्या को भवन के मुख्य प्रवेश द्वार पर या भवन के किसी प्रमुख स्थान पर लिखा जाना चाहिए, जिसके साथ कोष्ठक में जनगणना मकानों की संख्या भी दी जानी चाहिए। एचएलओ मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रदान किया गया चार अंकीय जनगणना मकान नंबर प्रत्येक जनगणना मकान के प्रवेश द्वार पर लिखा जाना चाहिये। इसी प्रकार प्रशिक्षण अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारियो से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर एवं जिला गणना अधिकारी श्री सरोधन सिंह, जनगणना अधिकारी श्री गिरीश शुक्ला, जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स सहित फील्ड मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहें।

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