शराब दुकानों की रिकॉर्ड नीलामी,135.31 करोड़ में बिका ठेका-पिछले साल से 33.8% अधिक बोली

शराब दुकानों की रिकॉर्ड नीलामी,135.31 करोड़ में बिका ठेका-पिछले साल से 33.8% अधिक बोली 


Junaid Khan - शहडोल। जिले की सभी अंग्रेजी एवं देशी कंपोजिट मदिरा दुकानों की इस वर्ष हुई नीलामी में राजस्व का नया रिकॉर्ड बना है। आबकारी विभाग द्वारा ई-टेंडर कम-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से कराई गई नीलामी में जिले की कुल 29 मदिरा दुकानों का ठेका 135 करोड़ 31 लाख 98 हजार 154 रुपये में हुआ है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में करीब 33.8 प्रतिशत अधिक है। नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब एक अप्रैल से नए ठेकेदारों द्वारा शराब दुकानों का संचालन शुरू किया जाएगा। आबकारी विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में जिले की मदिरा दुकानों का ठेका 101 करोड़ 08 लाख 40 हजार 154 रुपये में हुआ था, जबकि 2026-27 के लिए 121 करोड़ 30 लाख 08 हजार 332 रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया गया था। विभाग ने इस बार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ आरक्षित मूल्य निर्धारित किया था, लेकिन प्रतिस्पर्धी बोली के कारण नीलामी में यह राशि बढ़कर 33 प्रतिशत से अधिक हो गई।

जिले के अलग-अलग क्षेत्रों की दुकानों का हुआ ठेका 

इस बार जिले की सभी 29 दुकानों का एक साथ ठेका किया गया। इनमें संभागीय मुख्यालय शहडोल में 7 दुकानें, ब्यौहारी में 4, बुढ़ार में 4, अमलाई में 3, देवलोंद में 3, जयसिंहनगर में 4 और धनपुरी में 4 मदिरा दुकानें शामिल हैं। नीलामी प्रक्रिया कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आबकारी विभाग कार्यालय में पूरी कराई गई। 

आठ ठेकेदारों ने खरीदीं दुकानें 

जानकारी के अनुसार इस बार आठ अलग-अलग ठेकेदारों ने विभिन्न स्थानों की दुकानें खरीदी हैं। धनपुरी क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश स्थानों पर नए ठेकेदार सामने आए हैं। बोली प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही और कहीं भी विवाद की स्थिति नहीं बनी। जिन ठेकेदारों की बोली अधिक रही, उन्हें दुकानों का संचालन सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

लाइसेंस फीस और ड्यूटी की बड़ी राशि जमा 

आबकारी विभाग ने नीलामी के बाद 6 करोड़ 76 लाख 59 हजार 908 रुपये की सालाना लाइसेंस फीस जमा करा ली है। इसके साथ ही न्यूनतम प्रत्याभूत ड्यूटी (MGQ) की राशि 128 करोड़ 55 लाख 38 हजार 346 रुपये निर्धारित की गई है, जिससे विभाग को इस वर्ष राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

शराब के दाम बढ़ने की संभावना

ठेके की राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के कारण जिले में शराब की कीमतों में वृद्धि की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय राज्य सरकार द्वारा ही लिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ समय में सरकार ने शराब के दाम कम किए थे, लेकिन इस बार ठेका राशि बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन हो सकता है।

समय पर पूरी हुई नीलामी प्रक्रिया 

आबकारी विभाग के अनुसार ई-टेंडर कम-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से सभी दुकानों की नीलामी समय पर और बिना किसी विवाद के पूरी कर ली गई है। इससे नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही शराब दुकानों का संचालन सुचारु रूप से शुरू हो सकेगा। डीईओ सावित्री भगत (आबकारी विभाग, शहडोल) ने बताया कि विभाग ने इस बार दुकानों का मूल्य लगभग 20 प्रतिशत बढ़ाकर निर्धारित किया था, लेकिन प्रतिस्पर्धी बोली के चलते नीलामी 33.8 प्रतिशत अधिक दर पर हुई है। उन्होंने कहा कि शराब की कीमतों को लेकर अंतिम निर्णय सरकार करेगी, जबकि विभाग का कार्य दुकानों की नीलामी और संचालन की निगरानी करना है।

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