जागरूकता और समय पर टीकाकरण से सुरक्षित होगा बेटियों का भविष्य, अभिभावकों से आगे आने की अपील
Junaid Khan - शहडोल। जिले में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण को लेकर विशेष जोर दिया जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 वर्ष तक की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से उनकी प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। डॉ. सराफ ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर और जानलेवा रोग है, जो मुख्य रूप से एचपीवी संक्रमण के कारण होता है। इस संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय समय पर लगाया गया एचपीवी टीका है। यदि किशोरावस्था में ही यह टीका लगवा दिया जाए, तो आगे चलकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्तरों पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से अभिभावकों को इस टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ ले सकें। सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। कई देशों में यह टीकाकरण वर्षों से सफलतापूर्वक चल रहा है और इससे सर्वाइकल कैंसर के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। इसलिए अभिभावकों को किसी भी प्रकार की भ्रांति या डर में आए बिना अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। समय पर टीकाकरण न केवल उन्हें गंभीर बीमारी से बचाएगा, बल्कि उनका भविष्य भी सुरक्षित और स्वस्थ बनाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी पात्र परिवारों से इस अभियान में सहयोग करने और अपनी बालिकाओं का टीकाकरण कराने की अपील की है।
