गैस संकट ने रोकी रसोई की रफ्तार,होटल कारोबार ठप होने की कगार पर

सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार, कालाबाजारी चरम पर,प्रशासन मौन, जनता बेहाल 


Junaid Khan - शहडोल। शहर में रसोई गैस (एलपीजी) का संकट अब विकराल रूप लेता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि घरों की रसोई ठंडी पड़ने लगी है, जबकि होटल और ढाबा व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गए हैं। सिलेंडरों की अनियमित सप्लाई, बढ़ती कालाबाजारी और प्रशासन की निष्क्रियता ने इस समस्या को और भी गहरा बना दिया है। शहर के विभिन्न इलाकों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, गैस एजेंसियों में सिलेंडर की भारी कमी बनी हुई है। उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही, वहीं कई लोगों को 5 से 10 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस बीच, कालाबाजारी करने वाले सक्रिय होकर सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। दोगुने दाम पर गैस खरीदने को मजबूर’होटल संचालकों का दर्द। गैस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और ढाबा संचालकों पर पड़ा है। रोजाना सैकड़ों लोगों का भोजन तैयार करने वाले इन कारोबारियों के सामने अब अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। होटल संचालकों का कहना है कि जहां पहले नियमित रूप से सिलेंडर मिल जाते थे, अब उन्हें बाजार में दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। कई छोटे होटल और ठेले वाले तो गैस के अभाव में अस्थायी रूप से अपना काम बंद करने को मजबूर हो गए हैं। 

घर-घर की रसोई पर पड़ा असर, महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान

गैस संकट का सीधा असर आम परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है। गृहिणियों को समय पर गैस नहीं मिलने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवारों ने मजबूरी में लकड़ी, कोयला या अन्य पारंपरिक साधनों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ रहे हैं।

कालाबाजारी पर नहीं लग रहा लगाम,जिम्मेदार विभाग कटघरे में 

शहर में खुलेआम हो रही कालाबाजारी पर प्रशासन की चुप्पी ने लोगों में नाराजगी पैदा कर दी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ एजेंसी संचालक और बिचौलिए मिलकर कृत्रिम कमी पैदा कर रहे हैं और मनमाने दाम वसूल रहे हैं।

इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

जनता और व्यापारियों ने की सख्त कार्रवाई की मांग शहरवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि गैस की नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जाए और कालाबाजारी में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो यह संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है।

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