एसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग,प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार, कहा युवक था नशे में
Junaid Khan - शहडोल। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत झींक बिजुरी चौकी एक बार फिर विवादों में आ गई है। यहां पदस्थ चौकी प्रभारी पर एक युवक ने चौकी के भीतर ही मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
शिकायत लेकर पहुंचा,मिला मारपीट का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक अखिलेश साहू, झींक बिजुरी चौकी क्षेत्र का निवासी है। युवक का कहना है कि उसके साथ पहले किसी अन्य स्थान पर मारपीट की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत दर्ज कराने वह चौकी पहुंचा था। लेकिन आरोप है कि चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रामपाल वर्मा ने उसकी बात सुनने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। युवक का यह भी आरोप है कि बात यहीं तक सीमित नहीं रही, बल्कि चौकी परिसर के भीतर ही उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं।
वीडियो जारी कर लगाए आरोप
घटना के बाद पीड़ित युवक ने गुरुवार को एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वह अपने शरीर पर आई चोटों को दिखाते हुए चौकी प्रभारी पर सीधे आरोप लगाता नजर आ रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। युवक ने एसपी से गुहार लगाते हुए कहा है कि अगर समय रहते न्याय नहीं मिला तो वह आगे उच्च स्तर पर शिकायत करेगा।
एसपी कार्यालय में लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित अखिलेश साहू ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा है। उसने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। उसने यह भी आरोप लगाया कि यदि चौकी में ही फरियादी सुरक्षित नहीं रहेगा तो आम जनता न्याय के लिए कहां जाएगी।
चौकी प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं,इस पूरे मामले में चौकी प्रभारी रामपाल वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित युवक शराब के नशे में चौकी आया था और पहले से ही घायल था। प्रभारी के अनुसार युवक का मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) कराया गया है, जिससे स्पष्ट होगा कि उसकी चोटें पहले की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवक का किसी अन्य स्थान पर विवाद हुआ होगा और चौकी पुलिस पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। थाना प्रभारी से नहीं हो सका संपर्क इस मामले में जैतपुर थाना प्रभारी जय प्रकाश शर्मा से पक्ष जानने के लिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। जांच के बाद ही खुलेगा सच फिलहाल मामला आरोप-प्रत्यारोप के बीच उलझा हुआ है। एक ओर युवक पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहा है, तो वहीं चौकी प्रभारी इन आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में किस प्रकार की जांच करता है और सच्चाई सामने आने के बाद क्या कार्रवाई की जाती है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आम नागरिक पुलिस चौकी में सुरक्षित है या नहीं।
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