गर्म सब्जी की जगह ठंडी थाली, दाल में पानी ज्यादा मेन्यू का नहीं हो रहा पालन, मरीज और परिजन परेशान
Junaid khan - शहडोल। शहडोल के कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल में मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती मरीजों को तय मानकों के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है। गर्म और ताजा भोजन की जगह ठंडी सब्जी और पानी जैसी पतली दाल परोसी जा रही है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में भारी नाराजगी है।
क्या है पूरा मामला
अस्पताल में भोजन वितरण के लिए स्पष्ट नियम और मेन्यू तय हैं, जिसमें पहले डॉक्टरों द्वारा भोजन की जांच और फिर मरीजों को वितरण की व्यवस्था है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। बिना जांच के ही खाना सीधे मरीजों को दिया जा रहा है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लगातार एक ही तरह की सब्जी परोसी जा रही है, वह भी ठंडी अवस्था में। वहीं दाल इतनी पतली होती है कि उसमें दाल कम और पानी ज्यादा दिखाई देता है। कई बार तो दाल में दाने ढूंढने पर भी नहीं मिलते।
जिम्मेदारों की लापरवाही
अस्पताल प्रबंधन की ओर से भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों और सहायक प्रबंधक की टीम बनाई गई है, लेकिन यह टीम अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन नहीं कर रही। बिना चखें ही भोजन को पास कर दिया जाता है और रजिस्टर में औपचारिक हस्ताक्षर कर दिए जाते हैं।
मरीजों की पीड़ा
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मिलने वाला भोजन न तो पौष्टिक है और न ही स्वादिष्ट। कई मरीजों को मजबूरी में बाहर से खाना मंगवाना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। कुछ परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर कर्मचारियों का रवैया भी संतोषजनक नहीं रहता।
प्रशासन का पक्ष
इस पूरे मामले पर सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने कहा कि यदि भोजन वितरण में लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं, तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी और व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा।
बड़ा सवाल
जब अस्पताल में मरीजों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है, तो फिर भोजन जैसी बुनियादी सुविधा में इतनी बड़ी लापरवाही क्यों? क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर मरीजों को इसी तरह बदहाल व्यवस्था झेलनी पड़ेगी?
