सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने पर जोर, राष्ट्रीय औद्योगिक संरक्षा सप्ताह का समापन
Junaid Khan - शहडोल। बिरसिंहपुर संरक्षा मंत्र अपनाओ, सुरक्षित रहो, समृद्धि पाओ” के संदेश के साथ 4 से 11 मार्च तक मनाए गए राष्ट्रीय औद्योगिक संरक्षा सप्ताह का समापन बुधवार को परियोजना परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता परियोजना के कार्यपालक निदेशक एच.के. त्रिपाठी ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य परियोजना में कार्यरत अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगी एजेंसियों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत बनाना रहा। इस वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा निर्धारित थीम “सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए लोगों की सहभागिता बढ़ाएं, उन्हें शिक्षित करें और सशक्त बनाएं” रही। समारोह के दौरान वक्ताओं ने इस थीम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी औद्योगिक इकाई में उत्पादन के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अभियंता पंकज जैन, संजय तिवारी एवं के.बी. बिल्थरे सहित परियोजना के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। संरक्षा सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संरक्षा नारा प्रतियोगिता में प्रेमा बिसेन, राकेश कुमार तिवारी, सुनील यादव, मोहम्मद सरवर और दीपक कुमार पटेल ने अपने प्रभावी नारों के माध्यम से सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। इसके बाद आयोजित संरक्षा कविता प्रतियोगिता में राकेश कुमार तिवारी, दीपक कुमार पटेल, मोहम्मद सरवर, सुनील यादव, प्रेमा बिसेन और निलेश विश्वकर्मा ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कार्यस्थल पर सुरक्षा जागरूकता का संदेश दिया। इनमें निलेश विश्वकर्मा एवं मोहम्मद सरवर की प्रस्तुति विशेष रूप से सराहनीय रही, जिन्हें प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान संरक्षा विषय पर आधारित एक नाटक भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें डी.पी. चंद्रा, सुनील यादव, दीपक पटेल, संदीप पटले एवं मोहम्मद सरवर ने अभिनय कर कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से दर्शाया। नाटक ने उपस्थित कर्मचारियों और श्रमिकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समापन अवसर पर कार्यपालक निदेशक एच.के. त्रिपाठी एवं उपस्थित अतिरिक्त मुख्य अभियंताओं ने प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों एवं कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में एच.के. त्रिपाठी ने कहा कि सुरक्षा केवल नियम नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने परियोजना में कार्यरत सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों से अपील की कि वे कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन करें, सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करें और दुर्घटना मुक्त वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के अंत में मुख्य संरक्षा अधिकारी नवीन दुबे ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, जबकि कार्यक्रम का मंच संचालन डी.एस. चौहान ने किया।
