युद्ध क्षेत्र मे धर्म का हो पालन: आरुष जी महाराज
Junaid Khan - शहडोल। कुरुक्षेत्र को धर्मक्षेत्र कहाँ गया, लेकिन अब धर्मक्षेत्र मे कुरुक्षेत्र का भाव दिखाई देने लगा है, इसीलिए धर्म कार्य मे व्यवधान उत्पन्न होने लगे है, कहने का अर्थ है कि युद्ध के क्षेत्र मे धर्म क्षेत्र का पालन करना चाहिए। उक्त बात खैरहा मे चल रहे साप्ताहिक श्रीमद भागवत कथा के दौरान कथा व्यास डॉ. आरुष जी महाराज ने कहा, उन्होंने कहा का जीवन मे गुरु का होना अत्यंत अनिवार्य है, क्यों कि गुरु मनुष्य को सदमार्ग से भटकने नहीं देते और प्राणी जीवन पर्यंत धर्म मार्ग मे चलकर सदगति को प्राप्त हो जाता है। बता दे कि उक्त आयोजन का शुभारम्भ 9 मार्च से भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। जिसका समापन 17 मार्च को विशाल भण्डारे के साथ किया जायेगा। कथा के दौरान गीता विचारक श्रीकान्त शर्मा गीतानुरागी मौजूद रहे।

