आरएसएस की नई संरचना में बड़ा बदलाव,अब रीवा संभाग में शामिल होगा शहडोल विभाग

प्रांत व्यवस्था खत्म, संगठन विस्तार को नई दिशा,मार्च 2027 तक पूरी तरह लागू होगी नई व्यवस्था


Junaid Khan - शहडोल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने संगठनात्मक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए कार्य विस्तार को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नई संरचना के तहत अब शहडोल विभाग को रीवा संभाग में शामिल किया जाएगा, जिससे संगठन की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने में तेजी आएगी। आरएसएस द्वारा प्रांत व्यवस्था को समाप्त कर एक नई संरचना लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक और अधिक मजबूत बनाना है। पहले शहडोल महाकोशल प्रांत के अंतर्गत आता था और उसे विभाग का दर्जा प्राप्त था, लेकिन अब इसे रीवा संभाग के साथ जोड़ दिया गया है, जहां रीवा को संभागीय केंद्र बनाया जाएगा।

संगठन विस्तार को मिलेगी नई गति

नई व्यवस्था लागू होने के बाद संघ के मूल और अनुषांगिक संगठनों में संभाग स्तर के अनुसार नए पद सृजित किए जाएंगे। इससे वरिष्ठ स्वयंसेवकों के साथ-साथ नए कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी निभाने और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।

समन्वय आधारित संरचना पर जोर 

नई संरचना में संभाग के ऊपर प्रदेश समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश प्रचारक सहित तीन प्रमुख पद होंगे। इनका मुख्य कार्य केवल समन्वय स्थापित करना होगा, जबकि वास्तविक निर्णय लेने की शक्ति संभाग स्तर पर ही केंद्रित रहेगी। इससे स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया और तेज व प्रभावी होगी।

मार्च 2027 तक पूरी तरह लागू होगी व्यवस्था

संघ द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह नई संरचना मार्च 2027 तक पूर्ण रूप से लागू कर दी जाएगी। इससे पहले आगामी तीन महीनों में प्रांत संरचना के आधार पर संभागीय केंद्रों पर चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

जिला और खंड स्तर तक होगा विस्तार 

नई व्यवस्था के तहत संभाग के नीचे विभाग, जिला और खंड स्तर की इकाइयों का गठन किया जाएगा। इन सभी स्तरों पर स्वयंसेवकों को नए दायित्व दिए जाएंगे, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित किया जा सकेगा।

स्थानीय स्वयंसेवकों को मिलेगा अवसर 

इस बदलाव से क्षेत्रीय स्वयंसेवकों को संगठन में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। जिम्मेदारियों के विस्तार के साथ-साथ संगठन में नए नेतृत्व का भी विकास होगा, जो आने वाले समय में संघ को और मजबूत बनाएगा। निष्कर्ष। बदलाव से बढ़ेगी संगठन की पकड़ आरएसएस की इस नई संरचना को संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। शहडोल के रीवा संभाग में शामिल होने से क्षेत्र में संघ की गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी।

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