प्रसूता की मौत के मामले मे जिला अस्पताल में सख्ती सिविल सर्जन ने ड्यूटी डॉक्टर सहित पांच को थमाया नोटिस,

दो दिन में मांगा जवाब


Junaid Khan - शहडोल। जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में लेबर रूम की टेबल टूटने से प्रसूता के गिरने और नवजात की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, चार स्टाफ नर्स और एक लेबर इंचार्ज सहित कुल पांच कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी से दो दिनों के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। बताया जा रहा है कि प्रसूति वार्ड में एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए लेबर रूम में भर्ती किया गया था। इसी दौरान लेबर टेबल अचानक टूट गई, जिससे प्रसूता नीचे गिर गई। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और नवजात शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और लापरवाही को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है। सिविल सर्जन ने बताया कि प्राथमिक जांच में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और स्टाफ नर्सों की भूमिका सामने आई है, इसलिए उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। हालांकि अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे सहायक प्रबंधक पर भी निगरानी और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रसूति वार्ड में आने वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा बजट भी दिया जाता है और अधिकारियों को व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। मामले में यह भी सामने आया है कि प्रसूता का वजन अधिक होने के कारण उसे लेबर टेबल पर नहीं लिटाने की बात कही जा रही है, जबकि डॉक्टरों के अनुसार ऐसी स्थिति में ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर सिजेरियन डिलीवरी की जानी चाहिए थी। लेकिन समय पर उचित निर्णय न लेने और लापरवाही के कारण यह दुखद घटना हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि इस पूरे मामले में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ अस्पताल की व्यवस्था से जुड़े अधिकारी भी जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि सहायक प्रबंधक ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्हें लेबर टेबल की खराब स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी और आवश्यक सुविधाओं की मांग पहले ही विभाग से की जा चुकी है।

फिलहाल मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सिविल सर्जन डॉ. शिल्ली सराफ ने बताया कि सभी संबंधित कर्मचारियों से दो दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। जवाब के आधार पर आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी।

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