विश्वविद्यालय ज्ञान के साथ विचार, विवेक और नेतृत्व निर्माण का मंच- कुलगुरु
Junaid Khan - शहडोल। 11 मार्च 2026- पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शहडोल तथा मेरा युवा भारत (माय भारत) के संयुक्त तत्वावधान में “विकसित भारत युवा संसद 2026” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता एवं पंडित शंभूनाथ शुक्ल के कुलगुरु प्रो. रामशंकर ने मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वित कर किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमिश्नर शहडोल संभाग श्रीमती सुरभि गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन की एक व्यवस्था नहीं, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता पर आधारित प्रणाली है। उन्होंने युवाओं को संविधान के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलगुरु प्रो. राम शंकर ने कहा कि भारत का लोकतंत्र अपनी विविधता, सहिष्णुता और विचारों की स्वतंत्रता के कारण विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1975 में घोषित आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है, जिसने हमें यह सिखाया कि लोकतंत्र की मजबूती केवल संस्थाओं से नहीं, बल्कि नागरिकों की सजगता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति से भी सुनिश्चित होती है।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि विचार, विवेक और नेतृत्व निर्माण का भी महत्वपूर्ण मंच है। युवा संसद जैसे आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, लोकतांत्रिक संवाद और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। कार्यक्रम में “आपातकाल के 50 वर्ष भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” आधारिक विषय रखा गया, जिस पर युवाओं ने अपने विचार प्रस्तुत करते हुए भारतीय लोकतंत्र के विभिन्न आयामों पर गंभीर और सार्थक संवाद किया। इस अवसर पर कुल सचिव डॉ. आशीष तिवारी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद पांडेय तथा मय भारत के नोडल अधिकारी डॉ. धानी जामोद सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।
