जैतपुर में तीन युवाओं की कुएं में डूबकर मौत: पुलिस और डायल 112 की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल,उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
Junaid Khan - शहडोल। जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में सामने आई एक हृदयविदारक और रहस्यमयी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। तथाकथित रूप से पुलिस से बचने के लिए भाग रहे तीन युवकों की लाश एक कुएं से मिलने के बाद मामला अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। इस घटना को लेकर न केवल आमजन में आक्रोश है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की चर्चाएं और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल के कल्याणपुर निवासी तनुज शुक्ला, बुढार निवासी सचिन सिंह बघेल तथा एक अन्य युवक रोहित की लाश जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कामता कॉलेज तिराहे के पास स्थित एक कुएं से बरामद हुई है। प्रारंभिक तौर पर सोशल मीडिया में वायरल हो रही जानकारी के अनुसार तीनों युवक कथित रूप से गांजा तस्करी में लिप्त थे और किसी कारणवश भागते हुए कुएं में गिर गए, जिससे उनकी डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि घटना के पहले एक कार पलटने की भी बात सामने आई है, जिसके बाद तीनों युवक मौके से भागे और इसी दौरान यह हादसा हुआ। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब मिलना अभी बाकी है।
घटना पर उठ रहे बड़े सवाल
क्या घटना स्थल पर पहले से पुलिस मौजूद थी या बाद में पहुंची?
यदि युवक तस्करी में लिप्त थे, तो वे किससे डरकर भाग रहे थे?
उनका पीछा कौन कर रहा था पुलिस, डायल 112 या अन्य कोई?
यदि पुलिस या डायल 112 की टीम पीछे थी, तो क्या उन्होंने युवकों को डूबते देखा?
क्या उन्हें बचाने का कोई प्रयास किया गया या मौके से टीम वापस लौट गई?
क्या पुलिस के लिए कार्रवाई की छवि बनाना तीन युवाओं की जान से ज्यादा अहम था?
क्या यह वास्तव में गांजा तस्करी का मामला है या किसी अन्य कारण से युवकों की हत्या कर शव कुएं में फेंके गए?
क्या युवकों के पास कोई बड़ी रकम या गांजे की खेप थी, जिसके चलते यह पूरी घटना घटित हुई?
बढ़ता जनआक्रोश और जांच की मांग
इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। मृतकों के परिजन और स्थानीय नागरिक पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक घटना की सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक यह मामला संदेह के घेरे में रहेगा और अफवाहों का बाजार गर्म रहेगा। निष्कर्ष-प्रथम दृष्टया यह मामला जितना सीधा दिखाई देता है, उतना है नहीं। कई अनुत्तरित सवाल इस घटना को संदिग्ध बना रहे हैं। आवश्यकता इस बात की है कि प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराए, ताकि सच्चाई सामने आ सके, अफवाहों पर विराम लगे और यदि कोई दोषी है तो उसकी जवाबदेही तय की जा सके।


