पाली में गोकशी की सनसनीखेज वारदात, ग्रामीणों में उबाल संदिग्ध हिरासत में, बड़े गिरोह से कनेक्शन की जांच तेज

पाली में गोकशी की सनसनीखेज वारदात, ग्रामीणों में उबाल संदिग्ध हिरासत में, बड़े गिरोह से कनेक्शन की जांच तेज



Junaid Khan - शहडोल। पाली जिले में गो-तस्करी और गोकशी की बढ़ती घटनाएं अब प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। हाल ही में सिंहपुर क्षेत्र में सामने आए मामले के बाद अब पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत घुनगुटी चौकी के ग्राम चंदनिया में गोकशी की एक और सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है। गौ सेवकों ने बताया कि कुछ संदिग्ध लोग एक गाय को चंदनिया गांव की ओर ले जाते हुए दिखाई दिए। शक होने पर जब गौ सेवक अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, तो वहां का दृश्य बेहद विचलित करने वाला था। उनके मुताबिक 3 से 4 लोग मौके पर ही गाय को काटते हुए पाए गए, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य एकत्र किए हैं और त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों में भोदी बैगा, हीरालाल बैगा एवं एक अन्य व्यक्ति शामिल बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया प्राप्त शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है, ताकि आरोपियों की भूमिका और उनकी संलिप्तता स्पष्ट हो सके। अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना के बाद ग्राम चंदनिया सहित आसपास के क्षेत्रों में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में बढ़ रही ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। हालांकि पुलिस की सतर्कता और समय पर हस्तक्षेप के चलते स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बनी हुई है, लेकिन गांव में तनाव का माहौल अभी भी कायम है। थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस घटना के तार जिले में सक्रिय किसी बड़े गो-तस्करी गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं। यदि ऐसा कोई नेटवर्क सामने आता है तो उसके खिलाफ भी व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिले में लगातार सामने आ रही इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में पुलिस और खुफिया तंत्र को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। आने वाले दिनों में संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और निगरानी तेज करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर जिले में गो-तस्करी और गोकशी पर पूरी तरह लगाम कब लगेगी।

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