मोबाइल में APK फाइल बना ‘डिजिटल जाल’: व्यापारी के खाते से ₹1.20 लाख पार, साइबर ठगी से शहर में हड़कंप
Junaid Khan - शहडोल। ब्यौहारी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक कपड़ा व्यापारी के बैंक खाते से अज्ञात व्यक्ति ने 1 लाख 20 हजार रुपए पार कर दिए। पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना ने न सिर्फ व्यापारियों बल्कि आम लोगों के बीच भी डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड 14 बिछिया टोला निवासी जीतेन्द्र गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी कपड़े की दुकान है। 29 मार्च को मोबाइल नंबर पर एक निमंत्रण कार्ड के रूप में एपीके फाइल आई थी। जैसे ही उस फाइल को क्लिक किया, उनका मोबाइल हैंग हो गया और काम करना बंद कर दिया। यह सामान्य तकनीकी गड़बड़ी समझकर उन्होंने शुरुआत में इसे नजरअंदाज कर दिया, लेकिन यही लापरवाही उन्हें भारी पड़ गई। इसके बाद 8 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11.30 बजे उनके बैंक खाते से 6 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 1.20 लाख रुपए निकाल लिए गए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। बताया जा रहा है कि ठगों ने APK फाइल के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कर लिया, जिससे बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी तक उनकी पहुंच बन गई। तत्काल उन्होंने बैंक पहुंचकर अपना खाता होल्ड करवाया और स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल की मदद से प्रकरण की जांच की जा रही है। विशेष बात: साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि APK फाइलें अक्सर अनजान स्रोतों से भेजी जाती हैं, जिनमें वायरस या स्पाइवेयर छिपा होता है। ऐसे में किसी भी अनजान लिंक या फाइल को खोलने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचनी चाहिए।बढ़ता खतरा: हाल के दिनों में इस तरह के साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां ठग नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। खासकर छोटे व्यापारी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग इन ठगी का आसान शिकार बन रहे हैं। सावधानी ही बचाव: अनजान नंबर से आई APK या लिंक पर क्लिक न करें बैंक डिटेल्स और OTP किसी से साझा न करें मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी ऐप का उपयोग करें संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें इस घटना ने साफ कर दिया है कि डिजिटल युग में थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी आर्थिक क्षति का कारण बन सकती है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।
