प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को किया याद, क्रूस रास्ता रैली में दर्शाई गई पीड़ा और क्षमा का संदेश
Junaid Khan - शहडोल। प्रभु यीशु मसीह के बलिदान दिवस, गुड फ्राइडे, शुक्रवार को श्रद्धा और शांति के साथ मनाया गया। इस दौरान मसीही समाज द्वारा भव्य जुलूस व झांकी निकाली गई, जिसमें प्रभु यीशु मसीह की पीड़ा सहन और क्रूस मरण के दिव्य रहस्यों के बारे में ध्यान मनन किया गया। शहर के विभिन्न चर्चों में ईसाई समुदाय ने गुड फ्राइडे के अवसर पर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित कीं। यह दिन प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने मानवता के लिए अपना जीवन दिया।
भावपूर्ण जुलूस और झांकियां
झांकी होली स्पिरिट कैथोलिक चर्च शहडोल से दरभंगा चौक, इंदिरा चौक, गांधी चौक, जैन मंदिर, परमट, रेलवे स्टेशन से होते हुए दरभंगा चौक वापस कैथोलिक चर्च में समाप्त हुई। झाकियों में प्रभु यीशु मसीह टेनु वास्टिन, सैनिक , यारूस्लेम की स्त्रियां की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने प्रभु यीशु की यात्रा और उनके दुख को जीवंत किया।
उपवास, प्रार्थना और संदेश
गुड फ्राइडे के दिन ईसाई समुदाय के लोगों ने उपवास रखा और विशेष प्रार्थनाएं कीं। चर्चों में आयोजित सभाओं में लोगों ने प्रभु यीशु के जीवन, उनके बलिदान और उनके संदेश प्रेम और क्षमा को याद किया। इस दिन लोगों ने अपने पापों के लिए क्षमा मांगी और बेहतर इंसान बनने का संकल्प लिया। शहर के मसीही समुदाय ने हर साल की तरह इस साल भी क्रूस रास्ता में झांकियों के माध्यम से एक भव्य रैली का आयोजन किया, जो आकर्षण का केंद्र बनी।
क्रूस रास्ता रैली का उद्देश्य
इस रैली में यह दर्शाया गया कि किस तरीके से प्रभु यीशु मसीह को रोमन सैनिक द्वारा प्रताड़ना दी गई और किस प्रकार से मानव जाति के लिए उनके पापों की क्षमा के लिए प्रभु यीशु मसीह ने दुख उठाए। बच्चे, बूढ़े, जवान और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। रैली का उद्देश्य प्रभु यीशु मसीह के जीवन और उनके बलिदान को याद करना था। लोगों ने क्रूस रास्ता में भाग लेकर प्रभु यीशु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम व्यक्त किया। रैली का आयोजन शहर के प्रमुख चर्च के सदस्यों ने किया, जहां से लोग प्रभु यीशु के क्रूस रास्ता पर चलकर गए। इस दौरान लोगों ने प्रभु यीशु के जीवन और उनके बलिदान के बारे में गीत गाए और प्रार्थनाएं कीं।
ईस्टर पर्व की तैयारियां
रैली में भाग लेने वाले लोगों ने बताया कि यह आयोजन उनके लिए बहुत ही भावपूर्ण और प्रेरणादायक था। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु के बलिदान को याद करके उन्हें अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। अब रविवार को ईस्टर पर्व मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां भी ज़ोरों पर हैं।
