कटे-फटे होंठ और तालू वाले मासूमों को नई मुस्कान की उम्मीद

निशुल्क शिविर में चयनित बच्चों को ऑपरेशन हेतु भेजा गया जबलपुर


Junaid Khan - शहडोल। जिले में जन्मजात कटे होंठ एवं फटे तालू से पीड़ित बच्चों के लिए राहत भरी पहल सामने आई है। जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में सोमवार को आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में ऐसे बच्चों का परीक्षण कर उन्हें बेहतर इलाज की दिशा में आगे बढ़ाया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों की गहन जांच की और ऑपरेशन के लिए उपयुक्त पाए गए बच्चों को जबलपुर रेफर किया गया। शिविर के दौरान पहुंचे बच्चे और उनके अभिभावकों में उम्मीद की नई किरण देखने को मिली। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे परिवारों को अब न केवल इलाज का भरोसा मिला है, बल्कि सरकारी स्तर पर पूरी मदद का आश्वासन भी दिया गया है। चिकित्सकों ने बताया कि कटे होंठ एवं फटे तालू की समस्या का समय पर ऑपरेशन होने से बच्चों का सामान्य जीवन संभव हो पाता है। शिविर में जबलपुर से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी स्थिति के अनुसार उपचार की योजना तैयार की। जिन बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता पाई गई, उन्हें निशुल्क वाहन सुविधा के साथ जबलपुर भेजा गया, जहां उनका ऑपरेशन शासन के खर्च पर किया जाएगा। कैंप के माध्यम से कुल छह बच्चों को सर्जरी के लिए चिन्हित कर भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र के प्रबंधक कंचन पटेल एवं डीईआईसी ऑडियोलॉजिस्ट लवकेश गुप्ता सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। साथ ही आरबीएसके के चिकित्सकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग देखने को मिला। यह पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को समय पर इलाज मिल सके। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए। शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह के प्रयासों से कई मासूमों के चेहरे पर मुस्कान लौटेगी और उनका भविष्य संवर गया।

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