बाल विवाह कानूनी अपराध, 2 साल की सजा, जुर्माने की होगी कार्यवाही, 1098 एवं 112 नम्बर में करें सूचित
Junaid Khan - शहडोल। 10 अप्रैल 2026- जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री अखिलेष मिश्रा ने जानकारी दी है कि 18 वर्ष से पहले किसी लडकी व 21 वर्ष से पहले किसी लडके का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है। जिसे कानूनी रूप से अपराध माना गया है। बाल विवाह कराने वाले माता पिता रिस्तेदार व विवाह को सपंन्न कराने में सहयोगी भूमिका निभाने वाले पंडित, मौलवी, हलवाई, बैण्ड, टेन्ट वाले आदि भी बाल विवाह कराने के अपराधी माने जायेगे, जिन्हें बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अपराध साबित होने पर 2 साल की कैद, या 1 लाख का जुर्माना अथवा दोनो का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कानूनी रूप से अपराध है। प्रदेश में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 को अधिक प्रभावी रूप से कियांन्वयन किये जाने हेतु जिला तहसील व विकासखंड स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अधिसूचित किये गये है। जिसमें जिला स्तर पर जिला कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, तहसील स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, विकासखंड स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा समस्त परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग शामिल किये गये है। जिन्हें बाल विवाह होने या बाल विवाह की संभावना की सूचना देकर बाल विवाह रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त आंगनबाडी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव,आशा कार्यकर्ता के अतिरिक्त टोल फ्री चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098 एवं 112 में भी बाल विवाह की सूचना दे सकते है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पता व पहचान गोपनीय रखा जाता है।
