प्राचीन तालाब तट में पांच पौधे रोपण कर पृथ्वी संरक्षण व जल संरक्षण का दिया संदेश
Junaid Khan - शहडोल। सँभाग के जिले उमरिया में पृथ्वी का श्रृंगार हैं पेड़, पौधे,जल, फूल, झरने और हवा। इन्हें बचाने और धरती को हरा-भरा रखकर पृथ्वी पर जीवन व जल को सुरक्षित रखने के लिए पौधारोपण अति आवश्यक है। जल गंगा संवर्धन अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य युवा टीम द्वारा मुक्तिधाम परिसर पाली में आम एवं नीम के पौधे लगाकर पौधा रोपण कर पृथ्वी को हरा भरा बनाने व जल संरक्षण का संकल्प लिया। पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने कहा की पृथ्वी और जीवन के संरक्षण के लिए प्रत्येक वर्ष पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह हमारा कर्तव्य है कि हम प्रकृति को बचाने और संरक्षित करने में मदद करें। क्योंकि पृथ्वी सभी जीवों के लिए जीवनदायिनी है। जीवन जीने के लिए जिन प्राकृतिक साधनों की जरूरत, एक पेड़, एक जानवर या फिर एक इंसान की होती है, वहीं पृथ्वी वह सब हमें प्रदान करती है। पौधे ही जीवन को सुरक्षित कर सकते हैं।पर्यावरण संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को जीवन में एक-एक पौधे का रोपण जरूर करना चाहिए। धरती को स्वस्थ रखने के लिए पौधों का महत्वपूर्ण भूमिका है।पृथ्वी के संरक्षण के लिए सबसे जरूरी पौधारोपण है। पृथ्वी का हम जितना दोहन कर रहे हैं, उसी के दुष्परिणाम हम आज झेल रहे हैं। पौधारोपण के दौरान पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी,महेन्द्र तिवारी,अभिनव द्विवेदी व सभी उपस्थित रहे।
