सोहागपुर क्षेत्र में बढ़ते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद, डायल-112 पहुंचने पर भागे आरोपी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
Junaid Khan - शहडोल। जिले में खनन माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अब हालात यह हो गए हैं कि ये माफिया न सिर्फ अवैध खनन और परिवहन में लिप्त हैं, बल्कि कार्रवाई करने पहुंची शासकीय टीमों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे हैं। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र का सामने आया है, जहां अवैध कोयला परिवहन करते ट्रैक्टर को पकड़ने गई वन विभाग की टीम पर माफियाओं ने हमला करने और ट्रैक्टर छुड़ाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार घटना दो दिन पहले नवलपुर स्कूल के पास की बताई जा रही है। बताया गया है कि नवलपुर सोन नदी के किनारे से अवैध तरीके से कोयले का उत्खनन कर उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से परिवहन किया जा रहा था। वन विभाग की टीम को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और नवलपुर स्कूल के पास एक कोयला लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया। जैसे ही ट्रैक्टर पकड़ा गया, चालक ने तुरंत अपने साथियों और माफियाओं को इसकी सूचना दे दी। कुछ ही देर में कई लोग मौके पर पहुंच गए और वन विभाग की टीम को ट्रैक्टर ले जाने से रोकने लगे। इस दौरान वन कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करते हुए हमला करने का प्रयास भी किया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। घटना के दौरान वन विभाग के एक कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग ट्रैक्टर छुड़ाने और टीम को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति बिगड़ती देख वन विभाग ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, पुलिस को आता देख सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद वन विभाग ने कोयला लोड ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जिले में अवैध खनन का कारोबार कितनी तेजी से फैल रहा है और माफिया बेखौफ होकर सरकारी अमले को चुनौती दे रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इन माफियाओं को इतना संरक्षण कहां से मिल रहा है कि वे खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सोन नदी और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध खनन और कोयला परिवहन का खेल जारी है, लेकिन कार्रवाई के बावजूद यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। प्रशासन को इस दिशा में सख्त और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे तत्वों पर लगाम लगाई जा सके। फिलहाल वन विभाग और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही।
