सिलेंडर संकट बरकरार: लाइनों में पिस रही जनता,सब सामान्य” बताकर पल्ला झाड़ रहीं एजेंसियां

समस्या ग्रामीण इलाकों में हालात ज्यादा खराब, छोटे सिलेंडर का स्टॉक खत्म होने से बढ़ी परेशानी


Junaid Khan - शहडोल। जिले में गैस सिलेंडर की किल्लत कम होने के बजाय और गहराती नजर आ रही है। एक ओर जिम्मेदार विभाग व्यवस्था को सामान्य बताकर स्थिति संभली होने का दावा कर रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में घंटों खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी समय पर सिलेंडर मिलना मुश्किल बना हुआ है। उपभोक्ताओं का कहना है कि तय नियमों के बावजूद सिलेंडर की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही। 25 दिन में नंबर और 30 से 35 दिन बाद डिलीवरी की बात कही जाती है, लेकिन हकीकत में इससे भी ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। होम डिलीवरी व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई है, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में एजेंसी पहुंचकर लाइन लगानी पड़ रही है।

छोटे सिलेंडर गायब,स्टॉक हुआ खत्म

सबसे ज्यादा संकट छोटे (5 किलो) सिलेंडरों को लेकर सामने आया है। एजेंसियों के पास पहले जो छोटे सिलेंडर उपलब्ध थे, उनका स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है और नए सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही। इससे छात्र, किराएदार और छोटे परिवारों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। ऐसे लोग, जो रोजमर्रा की जरूरत के लिए छोटे सिलेंडर पर निर्भर थे, अब वैकल्पिक व्यवस्था करने को मजबूर हैं।

शादी सीजन ने बढ़ाई मांग, व्यवस्था चरमराई

इस समय शादी-विवाह का सीजन चल रहा है, जिससे गैस की मांग में अचानक इजाफा हुआ है। लेकिन सप्लाई उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाई। नतीजा यह कि कई परिवार सीमित सिलेंडरों में काम चलाने को मजबूर हैं और कई जगहों पर लकड़ी या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।

व्यवसायियों की कमर टूटी

फास्ट फूड, चाट-फुल्की और छोटे ढाबा संचालकों पर भी इसका असर साफ दिख रहा है। कमर्शियल सिलेंडर महंगे होने से उनका खर्च बढ़ गया है, जबकि घरेलू सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से उनका काम भी प्रभावित हो रहा है। कई छोटे व्यापारियों ने साफ कहा कि अगर यही स्थिति रही तो उनका काम चलाना मुश्किल हो जाएगा।

पीएनजी कनेक्शन का वादा, जमीनी असर का इंतजार

इधर प्रशासन द्वारा स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, आंगनवाड़ी किचन और सामुदायिक संस्थानों में पीएनजी गैस कनेक्शन देने की योजना पर काम किए जाने की बात कही जा रही है। संबंधित विभागों को निर्देश भी जारी किए गए हैं कि जहां पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां जल्द कनेक्शन सुनिश्चित किया जाए। हालांकि, आम लोगों को फिलहाल इस योजना का सीधा लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा।

जनता का सवाल—कब मिलेगी राहत?

लगातार शिकायतों, सामने आती तस्वीरों और लंबी कतारों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा। उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में संकट और गंभीर रूप ले सकता है।

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