पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा

(पुत्री द्वारा दी गई अपने पिता के खिलाफ गवाही) 


Junaid Khan - शहडोल। श्रीमान् के.एन. सिंह, विद्धान सत्र न्यायाधीश महोदय, शहडोल द्वारा सत्र प्रकरण क्रमांक 222/2023 में दिनांक 31.03.2026 को निर्णय पारित किया जाकर, आरोपी महिपाल कोल पिता श्री धीरशाह कोल निवासी ग्राम मझौली खोदरी टोला थाना गोहपारू जिला शहडोल को हत्या का दोषी पाते हुए आरोपी को धारा - 302 भारतीय दण्ड संहिता के तहत आजीवन कारावास एवं 1000/-के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। प्रकरण में अभियोजन पक्ष मध्यप्रदेश शासन की ओर से लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सुरेश जेठानी द्वारा पैरवी की गई थी। प्रकरण के तथ्य संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 15.03.2023 को मृतिका श्यामकली द्वारा रात में अपने भाई रामदास बैगा को मोबाइल पर सूचना दी गई कि जल्दी आ जाओ, उसका बचना मुश्किल है, उसका पति महिपाल उसे बहुत मारा है, सूचना पाकर रामदास बैगा अपने भाई राकेश बैगा के साथ घर से रवाना हुआ तो रास्ते में मृतिका की पड़ोसी द्वारा उन्हें फोन पर बताया गया कि बहुत सीरियस है ले जाओ, ग्राम लेदरा पहुंचने पर रामदास बैगा ने 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दिया और रात्रि 12:00 बजे अपनी बहन के घर पहुंचा तो देखा कि बहन श्यामकली घर के अन्दर मृत अवस्था में पडी हुई थी और उसके शरीर पर चोंटे थी। रामदास बैगा द्वारा घटना की सूचना पुलिस को दिये जाने पर पुलिस द्वारा जांच कार्यवाही पूर्ण की गई एवं साक्षियों के कथन लिये गये। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आरोपी से डण्डा जप्त किया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर द्वारा मृतिका की मृत्यु स्पलीन फटने से पेट में आंतरिक रक्त स्त्राव होने से बताया गया। घटना के समय मृतिका की पुत्री ज्योति कोल उम्र लगभग 09 वर्ष घर में थी जिसके द्वारा भी न्यायालय में यह कथन किया गया कि उसने अपनी आंखो से देखा था कि पापा ने मम्मी को मारा है। मृतिका की नानी की जमीन ग्राम मझौली में थी और उसी जमीन को अपने नाम करवा पाने हेतु आरोपी मृतिका पर दबाव डालता रहता था जिससे मृतिका द्वारा घटना दिनांक को इंकार किये जाने पर आरोपी द्वारा मृतिका के साथ डण्डे से मारपीट की गई थी जिससे उसकी मृत्यु हो गई। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय मे अपने पक्ष समर्थन में 16 साक्षियों के कथन कराये गये। विचारण पश्चात अभियोजन साक्षियो के न्यायालीन कथन पर न्यायालय द्वारा विश्वास व्यक्त करते हुये उपरोक्तानुसार आरोपी को दण्डित किया गया।

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