आस्था पर सीधा आघात,क्या कुंभकर्णी नींद में सोया है सिंहपुर पुलिस प्रशासन? गोसेवकों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
Junaid Khan - शहडोल। जिला मुख्यालय से सटे सिंहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बोडरी गांव में एक ऐसी अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे जिले को हिलाकर रख दिया है। यहाँ अज्ञात समाज कंटकों और गो-तस्करी व अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों द्वारा पांच गोवंश को जहरीला पदार्थ खिलाकर अत्यंत निर्ममता से मौत के घाट उतार दिया गया। इस अमानवीय और क्रूर कृत्य की भनक लगते ही पूरे क्षेत्र में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है। जैसे ही इस जघन्य अपराध की जानकारी 'नंदी गो सेवा धाम' के गोसेवकों को मिली, वे बिना एक पल गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरी जमीनी स्थिति का जायजा लिया। घटना स्थल पर पांचों गोमाता को मृत अवस्था में और तड़पकर दम तोड़ते हुए देखकर वहां मौजूद हर एक ग्रामीण और गोसेवक की आंखें नम हो गईं। यह महज एक सामान्य अपराध नहीं, बल्कि सनातन आस्था, हमारी संस्कृति और मानवता पर किया गया सीधा और सुनियोजित आघात है। इस गंभीर और संवेदनशील मामले को लेकर क्षेत्र के सजग गोसेवकों और ग्रामीणों में जबरदस्त उबाल देखा जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 'नंदी गो सेवा धाम' की अगुवाई में आक्रोशित ग्रामीणों ने सिंहपुर थाने पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। गोसेवकों ने थाने में लिखित आवेदन और ज्ञापन सौंपकर इन मूक पशुओं के हत्यारों और इसके पीछे छिपे मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्यवाही करने की पुरजोर मांग की है। मौके पर उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने दो टूक शब्दों में स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई, तो उग्र जन-आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासनिक महकमे की होगी। इस दौरान गोसेवा और न्याय की इस आवाज को बुलंद करने के लिए सिल्लू रजक, अमरेंद्र तिवारी, शिवनारायण द्विवेदी, विकास जोतवानी, अमन यादव, धीरज मिश्रा, जय सिंह तोमर, पिंकू रजक समेत सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण वासी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस क्रूरता के खिलाफ हुंकार भरी। यह झकझोर देने वाली घटना सीधे तौर पर स्थानीय खुफिया तंत्र और सिंहपुर थाना पुलिस की गश्त व्यवस्था को खुली चुनौती दे रही है। क्षेत्र में लगातार पैर पसार रहे भूमाफिया, अवैध खनन माफिया और अब सक्रिय हुए गो-तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें कानून का कोई खौफ ही नहीं रह गया है। पूर्व में भी मीडिया द्वारा क्षेत्र में बढ़ रही संदिग्ध गतिविधियों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, जिस पर हुई असरदार रिपोर्टिंग के बावजूद पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसी प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा आज बोडरी गांव में पांच बेकसूर गोवंश की सामूहिक हत्या के रूप में सामने आया है। अब समय आ गया है कि प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति बंद करे और इन कड़े व रूह कंपा देने वाले अपराधियों को तत्काल सलाखों के पीछे भेजे, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अमानवीय कृत्य करने की जुर्रत न कर सके। गोमाता की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है, और 'जेके न्यूज' इस न्याय की लड़ाई में जनता की आवाज बनकर तब तक अड़ा रहेगा, जब तक दोषियों को उनके अंजाम तक नहीं पहुंचा दिया जाता।
