शिक्षा के क्षेत्र में बुढ़ार का ऐतिहासिक गौरव: सीबीएसई 10वीं के परीक्षा परिणाम में 'ग्रीन बेल्स' के मेधावियों का डंका,

अनिरुद्ध चक्रवर्ती ने ९८% लाकर रचा इतिहास 


Junaid Khan - शहडोल। बुढ़ार (मध्य प्रदेश): बुधवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों ने शहडोल संभाग के बुढ़ार अंचल को गौरवान्वित कर दिया है। नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान 'ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल' के विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। परीक्षा परिणाम सामने आते ही न केवल विद्यालय परिसर, बल्कि संपूर्ण बुढ़ार नगर में जश्न का माहौल है। इस वर्ष का परीक्षा परिणाम न केवल शत-प्रतिशत रहा, बल्कि मेधावी छात्रों ने उच्च प्राप्तांकों की झड़ी लगाकर यह साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। प्रशासनिक दूरदर्शिता और सकारात्मक नीतियों का दिखा जमीनी असर क्षेत्र में लगातार बेहतर हो रहे शैक्षणिक माहौल के पीछे मध्य प्रदेश शासन और स्थानीय प्रशासन की उन सजग नीतियों का बड़ा असर देखने को मिला है, जिसके तहत निजी और शासकीय शिक्षण संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रेरित किया जाता रहा है। प्रशासन द्वारा समय-समय पर शैक्षणिक अवसंरचना की निगरानी और रचनात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने का परिणाम आज इस शानदार परीक्षा परिणाम के रूप में सामने आया है। जानकारों का मानना है कि अंचल के विकास में प्रशासन की इस सकारात्मक भूमिका ने मेधावी बच्चों को एक सुरक्षित और अनुशासित माहौल प्रदान किया, जिससे वे बिना किसी मानसिक तनाव के राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके। ग्रीन बेल्स स्कूल प्रबंधन की तारीफ: कड़े अनुशासन और त्याग से तैयार हुई सफलता की जमीन इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे ग्रीन बेल्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन की दूरगामी सोच, शिक्षकों की अनवरत मेहनत और अद्वितीय शिक्षण पद्धति की जितनी सराहना की जाए, वह कम है। विद्यालय के प्राचार्यों और गुरुजनों ने न केवल पाठ्यक्रम को समय पर पूरा कराया, बल्कि कमजोर विषयों पर छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित कर उनके भीतर के आत्मविश्वास को जगाया। विद्यालय परिवार की इसी कार्यसंस्कृति, सही करियर मार्गदर्शन और दिन-रात की गई तपस्या ने आज इस छोटे से अंचल के बच्चों को महानगरों के छात्रों के समकक्ष खड़ा कर दिया है। यह परिणाम सिद्ध करता है कि ग्रीन बेल्स स्कूल शिक्षा को व्यापार नहीं, बल्कि संस्कार और राष्ट्र निर्माण का माध्यम मानता है। मेधावियों की सूची: अनिरुद्ध चक्रवर्ती और प्रथम साहू ने लहराया सफलता का परचम इस वर्ष की प्रावीण्य सूची में ग्रीन बेल्स स्कूल के अनिरुद्ध चक्रवर्ती ने ९८ प्रतिशत अंकों के साथ सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर अपनी कुशाग्र बुद्धि का लोहा मनवाया है। वहीं, प्रथम साहू ने ९४ प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान को गौरवान्वित किया। इसके अतिरिक्त भूमिका अग्रवाल ९२.८ प्रतिशत, क्रिश घूरियानी ९२ प्रतिशत, प्रिंस हारवानी ९२ प्रतिशत, स्पर्श श्रीवास्तव ९१.२ प्रतिशत, माही गुप्ता ९० प्रतिशत, आस्था दाहिया ८९.६ प्रतिशत, विनायका बर्मन ८९ प्रतिशत तथा सुयश गुप्ता ने ८८ प्रतिशत अंक लाकर अपनी अद्वितीय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इन सभी छात्र-छात्राओं ने कठिन परिश्रम के बल पर अपने माता-पिता, गुरुजनों और संपूर्ण विद्यालय परिवार का नाम रोशन किया है। शुभकामनाओं का दौर: भविष्य के राष्ट्र निर्माताओं की हौसलाअफजाई इस अविस्मरणीय और गौरवमयी उपलब्धि पर ग्रीन बेल्स विद्यालय परिवार ने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षण स्टाफ को सहर्ष बधाई दी है। विद्यालय प्रबंधन ने उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा है कि यह सफलता केवल एक पड़ाव है, इन बच्चों को आगे चलकर देश और समाज के विकास में बड़ी भूमिका निभानी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि को बुढ़ार अंचल के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय बताते हुए मेधावियों की हौसलाअफजाई की है और उम्मीद जताई है कि आगामी वर्षों में भी क्षेत्र के विद्यार्थी इसी प्रकार सफलता का परचम लहराते रहेंगे।

Previous Post Next Post