मार्ग बना संकरी गली; हादसों को न्योता देता मलबे का ढेर
नगर पालिका प्रशासन की शह पर बीच सड़क पर डंप हो रही गिट्टी-रेत, वीआईपी कॉलोनी में नाला निर्माण के नाम पर महीनों से बंद है दूसरा रास्ता, दोपहिया वाहन चालक रोजाना हो रहे लहूलुहान, कब जागेगा अमला?
Junaid Khan - शहडोल। शहर की सबसे व्यस्त और पॉश मानी जाने वाली न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी इन दिनों प्रशासनिक उदासीनता और अवैध रूप से निर्माण सामग्री डंप करने वाले रसूखदारों की मनमानी का दंश झेल रही है। कॉलोनी का मुख्य प्रवेश मार्ग, जो रीवा होटल के ठीक सामने से होकर गुजरता है, वह अब किसी मुख्य मार्ग जैसा नहीं बल्कि एक संकरी और बदहाल गली में तब्दील हो चुका है। रसूखदारों और बिल्डरों द्वारा बीच सड़क पर बेखौफ होकर भारी मात्रा में गिट्टी, बजरी, रेत और कंस्ट्रक्शन का मलबा (मलवा) डंप कर दिया गया है। इस अवैध कृत्य के कारण पूरी सड़क ब्लॉक होने की कगार पर है और यहां से गुजरने वाले स्थानीय नागरिकों तथा राहगीरों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। हैरान करने वाली बात यह है कि शहर के बीचों-बीच चल रहे इस अवैध खेल पर नगर पालिका प्रशासन ने पूरी तरह से आंखें मूंद रखी हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है।
दूसरा मार्ग भी बंद, रसूखदारों की दादागिरी से थम गई कॉलोनी की रफ्तार
भौगोलिक स्थिति को देखें तो न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में प्रवेश के लिए दो ही मुख्य मार्ग स्वीकृत हैं। विडंबना देखिए कि इनमें से एक मार्ग पर पिछले लंबे समय से नाला निर्माण का कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिसके कारण वह रास्ता पूरी तरह से बंद पड़ा है। ऐसे में कॉलोनी के भीतर आने-जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों, स्कूल बसों और बुढार रोड की ओर जाने वाले भारी यातायात का पूरा दबाव इसी रीवा होटल वाले मार्ग पर आ गया है। इस वीआईपी और लाइफलाइन सड़क के दोनों तरफ अवैध रूप से निर्माण सामग्री का अंबार लगा दिया गया है, जिससे सड़क की चौड़ाई नाममात्र की रह गई है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि यदि दो वाहन आमने-सामने आ जाएं, तो घंटों जाम लग जाता है और आए दिन स्थानीय लोगों के बीच विवाद, गाली-गलौज और मारपीट की नौबत निर्मित हो रही है।
सड़क पर बिछी 'मौत की गिट्टी',रोज फिसल रहे दोपहिया वाहन चालक
सड़क के दोनों ओर फैले इस मलबे और लापरवाही से बिखरी गिट्टी-रेत के कारण यह पूरा मार्ग अब दुर्घटना 'ब्लैक स्पॉट' बन चुका है। राहगीरों और विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है। बिखरी हुई गिट्टी पर टायर फिसलने से रोज कई राहगीर गिरकर लहूलुहान हो रहे हैं। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। कॉलोनी के सजग नागरिकों का आरोप है कि अवैध रूप से सड़क घेरकर निर्माण सामग्री डालने वाले इन तत्वों को न तो कानून का खौफ है और न ही जनता की जान की कोई परवाह। वे खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बनकर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
अतिक्रमण की गिरफ्त में पूरी कॉलोनी,नपा के दावों की खुली पोल
यह कोई पहली बार नहीं है; पूरा हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र पिछले लंबे समय से बेकाबू अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। रसूखदारों ने पहले ही सड़कों के किनारों को दबाकर उन्हें संकरा कर दिया था, और अब रही-सही कसर बीच सड़क पर मलबा डालकर पूरी की जा रही है। इस गंभीर अव्यवस्था को लेकर स्थानीय रहवासियों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ तीव्र असंतोष है। नागरिकों ने तीखे शब्दों में चेतावनी देते हुए नपा प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस मार्ग से मलबा और अवैध निर्माण सामग्री हटाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि आमजन को सुगम, सुरक्षित और भयमुक्त आवागमन की सुविधा मिल सके। यदि जल्द ही इस मार्ग को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो स्थानीय जनता उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।
