खाकी की सुस्ती से भगवान' भी असुरक्षित,जयसिंहनगर के बिज़हा मंदिर में धावा बोलकर माता रानी के गहने और श्रृंगार ले गए बेखौफ चोर

प्रशासन को खुली चुनौती,रात की गश्त पर उठे गंभीर सवाल,02 लाख से अधिक के आभूषण पार,कोतवाली क्षेत्र के बाद अब ग्रामीण अंचलों में भी सक्रिय हुए बेनकाब गिरोह


Junaid Khan - शहडोल। जिले की कानून व्यवस्था और पुलिसिया चौकसी के दावों की हवा निकालते हुए अज्ञात बदमाशों ने इस बार आस्था के बड़े केंद्र पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बिज़हा स्थित प्राचीन व सुप्रसिद्ध दुर्गा मंदिर को निशाना बनाकर शातिर चोरों ने माता रानी के बहुमूल्य आभूषण और पवित्र श्रृंगार सामग्री पर साफ हाथ कर दिया। बेखौफ अपराधियों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर माता रानी का एक कीमती मुकुट, दो चांदी के छत्र, सोने की दो आंखें और एक अत्यंत मूल्यवान सोने का लॉकेट उड़ा लिया। चोरी गए इन जेवरातों की अनुमानित कीमत 02 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। यह सनसनीखेज वारदात न सिर्फ पुलिस की रात्रि गश्त की पोल खोलती है, बल्कि स्थानीय सुरक्षा तंत्र के मुंह पर एक करारा तमाचा भी है। जब रक्षक ही गहरी नींद में सो रहे हों, तो भला भगवान के घर की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? भक्तों में भारी आक्रोश, सुलग रहे हैं कई तीखे सवाल इस घिनौनी वारदात का खुलासा सुबह उस वक्त हुआ, जब मंदिर के पुजारी दीप गौतम और स्थानीय ग्रामीण नित्य पूजा-अर्चना के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। गर्भगृह का ताला टूटा और माता रानी का विग्रह सूना देख ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पल भर में यह खबर पूरे अंचल में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद मौके पर सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित लोगों का हुजूम जमा हो गया। सूचना मिलने पर जयसिंहनगर थाना पुलिस ने औपचारिकता निभाते हुए घटना स्थल का निरीक्षण किया और अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना का ढोल पीटना शुरू कर दिया है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब पूर्व में भी कोतवाली क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित मंदिर में इसी तरह की वारदात हो चुकी है और उसका सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे, तो आखिर खाकी ने उस नाकामयाबी से कोई सबक क्यों नहीं लिया? क्या पुलिस केवल कागजों पर गश्त की खानापूर्ति कर रही है? अवैध कारोबारियों और बेखौफ चोरों का गठजोड़, सोया है खुफिया तंत्र स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों का साफ कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय अवैध गतिविधियों, नशे के कारोबार और असामाजिक तत्वों को मिलने वाले परोक्ष संरक्षण के कारण अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं। धार्मिक स्थलों पर बढ़ती चोरियां इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि अब अपराधियों के मन से कानून का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। पुलिस की लचर कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश कर चोरी गए गहनों की बरामदगी नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। अब देखना यह है कि कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासनिक अमला इस खुली चुनौती को स्वीकार कर कोई ठोस कार्रवाई करता है, या फिर हर बार की तरह यह मामला भी फाइलों की धूल फांकता रहेगा।

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