गोहपारू महाविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर अभाविप का ज्ञापन

गोहपारू महाविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर अभाविप का ज्ञापन


Junaid Khan - शहडोल। जिले में स्थित शासकीय महाविद्यालय गोहपारू में व्याप्त भारी अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, गोहपारू के कार्यकर्ताओं एवं महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा शासकीय महाविद्यालय गोहपारू प्राचार्य को ज्ञापन दिया गया जिसमें महाविद्यालय से जुड़े लगभग 14 सूत्रीय मांगों को लेकर यह ज्ञापन हुआ जिसके प्रमुख मांगे जैसे। 1.यह कि मुख्य मार्ग से महाविद्यालय तक आने-जाने हेतु पक्की सड़क की कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों को प्रतिदिन अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अतः इस समस्या का संज्ञान लेते हुए तत्काल पक्की सड़क निर्माण की कार्रवाई की जाए। 2.महाविद्यालय में पूर्व में प्रस्तुत ज्ञापन के उपरांत भी विषयवार प्राध्यापकों की समुचित व्यवस्था आज दिनांक तक नहीं की गई है, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। अतः इस विषय का संज्ञान लेते हुए शीघ्र जनभागीदारी मद से रसायनशास्त्र के प्राध्यापक की नियुक्ति की जाएँ। 3.महाविद्यालय के जनभागीदारी मद में उपलब्ध राशि का उपयोग किस किस जगह पर किया गया और कौन से मद का पैसा किस जगह उपयोग किया गया इससे सम्बन्धित दस्तावेजों की जाँच की जाये, जनभागीदारी समिति के गठन नहीं होने पर पदेन अध्यक्ष कलेक्टर द्वारा नामित अधिकारी से जनभागीदारी राशि के उपयोग हेतु अनुमोदन लिया गया अथवा नहीं इसकी जाँच कर संबंधित पर उचित कार्यवाही की जाये। 4.महाविद्यालय में आउटसोर्स पर पदस्थ प्रयोगशाला तकनीशियन श्री गणेश ऊईके द्वारा आपत्तिजनक एवं समाज में वैमनस्य फैलाने वाले साहित्य प्राचार्य कक्ष के कंप्युटर द्वारा मंगाकर विद्यार्थियों के मध्य अराजकता का वातावरण निर्मित करने का प्रयास किया जा रहा है। अतः उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। 5.महाविद्यालय के कुछ आउटसोर्स कर्मचारी, जिनकी पदस्थापना शासकीय महाविद्यालय गोहपारू में होनी चाहिए, उन्हें डिप्लॉयमेंट के नाम पर शासकीय इंदिरा गांधी कन्या महाविद्यालय, शहडोल में पदस्थ कर दिया गया है, जबकि नियमानुसार आउटसोर्स कर्मचारियों का डिप्लॉयमेंट नहीं किया जा सकता। अतः इस अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को मूल पदस्थापना स्थल पर वापस बुलाया जाए, अन्यथा नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की जाए। 6.शासकीय महाविद्यालय गोहपारु में की गई आउटसोर्सिंग की भर्ती में ना ही विज्ञापन प्रकाशित करवाया गया और ना ही कोई आवेदन मंगवाए गए केवल उतने ही लोगों का आवेदन लिया गया जिनका चयन करना था, इस भर्ती के दौरान गठित कमिटी के सदस्यों के द्वारा किसी प्रकार का भी अनुमोदन नहीं लिया गया और ना ही अर्हता संबंधित दस्तावेज़ को सत्यापित करवाया गया, जिसका परिणाम भौतिक शास्त्र में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर पदस्थ श्रेयांश मिश्रा भौतिक शास्त्र विषय के साथ स्नातक ही नहीं हैं पर उन्हें महाविद्यालय में प्रयोगशाला तकनीशियन पद पर नियुक्ति दे दी गई, सुमन द्विवेदी सहायक वर्ग 3 के पास CPCT दक्षता नहीं है पर उन्हें भी कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है जिससे यह भर्ती संदिग्ध है |जिसको देखते हुए इस आउटसोर्स भर्ती एवं अर्हता संबंधी उचित जाँच करते हुए भर्ती निरस्त किया जाये एवं पुनः भर्ती प्रक्रिया का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाये जिनमें इस भर्ती घोटाले से संबंधित को पुनः नियुक्ति ना प्रदान की जाये। 7.पूर्व में पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा विद्यार्थियों के प्रैक्टिकल एवं सेशनल अंकों की मांग किए जाने पर महाविद्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर एवं परीक्षा प्रभारी द्वारा संबंधित विषयाचार्यों से बिना अंक प्राप्त किए मनमाने ढंग से अंक भर दिए गए, जो कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है। अतः इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए कंप्यूटर ऑपरेटर एवं परीक्षा प्रभारी पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। 8.महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. मंगल सिंह द्वारा GeM पोर्टल के माध्यम से सहायक प्राध्यापक डॉ राजकुमार महोबिया की फर्जी दूसरी शासकीय ईमेल आई डी बनाकर की गई खरीदारी से संबंधित समस्त व्यय से संबंधित बिल एवं उन उपकरणों के मार्केट वैल्यू की जाँच की जाये एवं संबंधित सहायक प्राध्यापक से आई डी संबंधित पुष्टि की जाये , GeM पोर्टल के माध्यम से लगाए गए रेंटल डिजिटल एडवर्टाइजिंग बोर्ड से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र की जाँच की जाये एवं महाविद्यालय में जिस स्थल पर डिजिटल एडवर्टाइजिंग बोर्ड लगाया गया उसके छायाचित्र की जाँच की जाये। 9.महाविद्यालय के पुस्तकालय में अध्ययन हेतु विषयवार पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अतः शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करते हुए पुस्तकालय को समृद्ध किया जाए एवं पर्याप्त पुस्तकों की व्यवस्था की जाए। 10.महाविद्यालय में प्राध्यापकों/अतिथि विद्वानों को बार-बार OD (ऑन ड्यूटी) पर भेजा जाता है तथा एक ही प्राध्यापक/अतिथि विद्वान को कई बार OD रविवार /राष्ट्रीय अवकाश के आगे पीछे प्रदान की जाती है |अतः इस प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए एक ही प्राध्यापक/अतिथि विद्वान को बार-बार OD देना तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए, 2023 से 2026 तक के उपस्थिति पंजी की जाँच की जाये जिसमें एक सत्र में 30 से अधिक OD भी अतिथि विद्वान को दिया गया है जो वित्तीय अनियमितता है एवं संबंधित पर उचित कार्यवाही कर रिकवरी की जाए । एवं पूर्व में दिए गए OD से संबंधित महाविद्यालय से जारी किए गए कार्यमुक्ति पत्र एवं जिस कार्यस्थल में काम किया वहाँ से प्राप्त कार्यमुक्ति पत्र की जाँच की जाये। 11.महाविद्यालय में जो अतिथि विद्वान उपस्थित नहीं होते हैं उनके हस्ताक्षर बाद में करवा कर मानदेय बना दिया जाता है जो कि वित्तीय अनियमितता है क्यूँकि शासन के आदेशानुसार सार्थक उपस्थिति के आधार पर ही मानदेय बनाया जाना है। महाविद्यालय के अतिथि विद्वान / आउटसोर्सिंग कर्मचारी /प्राध्यापकों की 3-4 माह की दिवस वार सार्थक उपस्थिति की जाँच की जाये। 12.महाविद्यालय में पदस्थ आउटसोर्स कर्मचारी श्री श्रेयांश मिश्रा द्वारा विद्यार्थियों से रिजल्ट सुधारने के नाम पर ₹2500 की अवैध राशि वसूली जा रही है और इसी कार्य के लिए अतिथि विद्वानों को प्रतिमाह OD दिया जाता है। अतः इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मचारी से विद्यार्थियों की राशि वापस कराई जाए तथा श्रेयांश मिश्रा पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। 13.महाविद्यालय में छात्राओं के लिए गर्ल्स कॉमन रूम सैनिटरी वेंडिंग मशीन एवं सैनेटरी डिस्ट्रॉय मशीन भी उपलब्ध नहीं है। अतः छात्राओं की सुविधा एवं गरिमा को ध्यान में रखते हुए इन सुविधाओं की शीघ्र व्यवस्था की जाए। 14.पिछले कुछ वर्षों से Hindi की कक्षाएँ नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है, सम्बन्धित विषय के सहायक प्राध्यापक बिना प्राचार्य को सूचित किए पिछले एक हफ्ते से गायब हैं उन पर उचित कार्यवाही कर, कक्षाओं का नियमित संचालन किया जाये। ऐसे सभी विषयों को लेकर विद्यार्थी परिषद ने 7 दिवस का समय महाविद्यालय को दिया है यदि 7 दिवस के अंदर कार्यवाही नहीं होती है तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी। ज्ञापन में प्रमुख रूप से शहडोल विभाग संयोजक अखिलेश सिंह, शहडोल जिला संयोजक अमन त्रिपाठी, आकाश मिश्रा, अंबुज सेन, अर्पित शर्मा, करण यादव, रिया, साधना एवं महाविद्यालय के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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