बसोहरा में बाउंड्रीवॉल निर्माण के नाम पर महा-फर्जीवाड़ा,उपयंत्री और सहायक यंत्री की भूमिका संदेहास्पद
Junaid Khan - शहडोल। जयसिंहनगर सरकारी खजाने को दीमक की तरह चाट रहे भ्रष्ट अधिकारियों, कमीशनखोर इंजीनियरों और जनता के हक पर डाका डालने वाले रसूखदार ठेकेदारों के नापाक गठजोड़ का एक और घिनौना चेहरा बेनकाब हुआ है। जनपद पंचायत जयसिंहनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बसोहरा में खनिज मद से स्वीकृत 14.98 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रही बाउंड्रीवॉल का निर्माण कार्य अब भ्रष्टाचार के गहरे दलदल में धंस चुका है। हमारे समाचार पत्र द्वारा पूर्व में इस निर्माण कार्य में बरती जा रही अनियमितताओं को प्रखरता से उजागर किए जाने के बाद, अब धरातल पर उतरे जागरूक ग्रामीणों ने इस पूरे फर्जीवाड़े के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया है। ग्रामीणों का सीधा और गंभीर आरोप है कि ग्राम पंचायत सिर्फ कागजों पर ही निर्माण एजेंसी बनी हुई है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि कमीशन सेटिंग के इस खेल में तकनीकी स्वीकृति मिलने से पहले ही 'प्रतिशत व्यवस्था'(कमीशनखोरी) तय कर ली गई थी और पूरा काम बैकडोर से कथित ठेकेदार शिवम के माध्यम से कराया जा रहा है। इस महा-घोटाले की परतें तब और ज्यादा उघड़ गईं जब स्थानीय मजदूरों के बजाय मानपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेमरा के मजदूरों के नाम पर भुगतान संबंधी दस्तावेज और फर्जी मास्टररोल ग्रामीणों के हाथ लग गए। इन सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, स्थानीय बेरोजगारों के पेट पर लात मारकर बाहरी क्षेत्र के सुदर्शन को 14,500 रुपये, राजेश को 14,500 रुपये, लीला को 7,250 रुपये और सुभानी को 7,250 रुपये का फर्जी भुगतान दर्शा दिया गया। जब इस खुले डाके और निर्माण में प्रयुक्त हो रही घटिया सामग्री व दोयम दर्जे की ईंटों पर गांव के जागरूक नागरिक रविप्रकाश शुक्ला और अन्य ग्रामीणों ने तीखे सवाल खड़े किए, तो विभागीय तकनीकी अमले ने आनन-फानन में ठेकेदार को बचाने के लिए कुछ समय का ढोंग रचकर काम रुकवाया और फिर बिना किसी सुधारात्मक बदलाव के 'क्लीन चिट' थमाते हुए उसे मानक अनुरूप बताकर काम दोबारा शुरू करवा दिया। 'ऊपर से सब कुछ मैनेज' होने की इस प्रशासनिक हठधर्मिता ने तकनीकी अमले, उपयंत्री और सहायक यंत्री की निष्पक्षता और नियत को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस मखमली भ्रष्टाचार को छुपाने और अवैध साम्राज्य को बचाए रखने के लिए अब गुंडागर्दी का सहारा लिया जा रहा है। जब ग्रामीणों ने फर्जी मास्टररोल और घटिया निर्माण का विरोध जारी रखा, तो कथित ठेकेदार शिवम द्वारा सच की आवाज उठाने वाले ग्रामीणों को डराने-धमकाने और गंभीर परिणाम भुगतने की कोशिश की गई, जिसके चलते ग्रामीण अंचलों में भय और भारी असंतोष व्याप्त है। इतना ही नहीं, इस पूरे बाउंड्रीवॉल के निर्माण में खुलेआम चोरी की रेत का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। जिले में वैध रेत खदानों की स्थिति स्पष्ट न होने के बावजूद, हर दिन सैकड़ों ट्रॉली अवैध रेत इस निर्माण स्थल पर खपाई जा रही है, जिस पर खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन ने पूरी तरह से अपनी आंखें मूंद रखी हैं। ग्रामीणों ने अब इस पूरे रेत आपूर्ति तंत्र और फर्जी मास्टररोल की उच्चस्तरीय विजिलेंस जांच की मांग करते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इस सनसनीखेज भ्रष्टाचार और ठेकेदार की दादागिरी पर जब हमारे खोजी ब्यूरो ने सीधे जनपद पंचायत जयसिंहनगर के एसडीओ (SDO) साहब से संपर्क साधा और उनसे तीखे सवाल किए, तो शासकीय दायित्वों से पल्ला झाड़ते हुए उन्होंने केवल इतना ही कहा कि "यह विषय मेरे संज्ञान में अभी आया है, मैं जांच करवाने के बाद ही आगे आपको कुछ जानकारी दे पाऊंगा।" अधिकारी का यह रटा-रटाया और गैर-जिम्मेदाराना बयान खुद-ब-खुद यह साबित करने के लिए काफी है कि इस 14.98 लाख के घोटाले के पीछे कितने ऊंचे रसूखदारों के हाथ हैं। वरिष्ठ संपादकीय दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह सिर्फ एक बाउंड्रीवॉल की चोरी नहीं, बल्कि जयसिंहनगर जनपद के भीतर चल रही कमीशनखोरी की उस सड़ी-गली व्यवस्था का जीवंत प्रमाण है, जिसके खिलाफ हमारा अखबार अंतिम सांस तक लड़ता रहेगा और जनता के खून-पसीने की कमाई को इन लुटेरों की जेब में जाने से रोकेगा। सवाल तो लाज़मी हैं: फाइलों के जादूगर और अवैध रेत के सौदागर कब तक बचेंगे? जब निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत है, तो ठेकेदार शिवम को डराने-धमकाने का लाइसेंस किसने दिया? जो ईंटें और सामग्रियां पहली नजर में घटिया थीं, वे उपयंत्री और सहायक यंत्री की तिजोरी गरम होते ही अचानक 'मानक अनुरूप' कैसे हो गईं? मानपुर के सेमरा से कागजी मजदूर बुलाकर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले इन सफेदपोशों को यह मुगालता छोड़ देना चाहिए कि उनका यह खेल हमेशा छिपा रहेगा। हमारे अखबार की पैनी नजर अब इस जांच की एक-एक फाइल पर है। एसडीओ साहब, जांच ठंडी फाइल में दफन नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इस बार जनता जाग चुकी है और हमारा अखबार उनके साथ खड़ा है!


