शहडोल पुलिस की महाकार्रवाई,ब्यौहारी में 1000 टन अवैध कोयले का जखीरा जब्त,महकमे में हड़कंप
Junaid Khan - शहडोल। मध्य प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शहडोल पुलिस ने जिले में सक्रिय खनिज माफियाओं की रीढ़ तोड़ने के लिए एक बार फिर बड़ी और ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक की है। शहडोल पुलिस अधीक्षक के कुशल निर्देशन में अवैध खनिज कारोबार के विरुद्ध चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी महा-अभियान के तहत ब्यौहारी पुलिस को एक अभूतपूर्व और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दिनांक 19.06.2026 को मुखबिर तंत्र से मिली सटीक एवं गोपनीय सूचना के आधार पर, ब्यौहारी थाना प्रभारी जियाउल हक ने तत्काल एक विशेष और जांबाज पुलिस टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए ग्राम टिहकी स्थित 'पाण्डेय ब्रदर्स' के कोयला यार्ड पर अचानक योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। पुलिस की इस औचक और तूफानी घेराबंदी से मौके पर हड़कंप मच गया। जब पुलिस बल ने यार्ड के चप्पे-चप्पे का सघन निरीक्षण किया, तो वहां काले सोने का एक विशालकाय साम्राज्य देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। यार्ड में लगभग 1000 टन अवैध खनिज कोयला भारी मात्रा में संग्रहित पाया गया, जिसे देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि इलाके में कितने बड़े पैमाने पर सिंडिकेट काम कर रहा था। थाना प्रभारी जियाउल हक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए यार्ड में मौजूद मैनेजर भूपेन्द्र तिवारी (पिता भोला प्रसाद तिवारी, उम्र 42 वर्ष, निवासी ग्राम टिहकी, थाना ब्यौहारी) को तुरंत हिरासत में लिया और इस मलबे के समान पड़े विशालकाय कोयला स्टॉक के संबंध में कड़े लहजे में वैध स्वामित्व और परिवहन के विधिक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पुलिसिया रौब और सख्त पूछताछ के आगे मैनेजर पूरी तरह सकपका गया और वह कोयले के वैध भंडारण या परिवहन से जुड़ा एक भी कानूनी कागज या रॉयल्टी रसीद पेश नहीं कर सका। बिना किसी वैध दस्तावेज के इतनी बड़ी मात्रा में कोयला रखने, चोरी और अवैध उत्खनन की प्रबल आशंका के आधार पर, ब्यौहारी पुलिस ने सजगता का परिचय देते हुए गवाहों की मौजूदगी में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बी.एन.एस.एस.) के कड़े प्रावधानों के तहत लगभग 1000 टन कोयला जब्त कर तत्काल पुलिसिया कब्जे में ले लिया। वर्तमान में जब्तशुदा कोयला सुरक्षार्थ उसी यार्ड में सील कर कड़े पहरे में रखा गया है।
ब्यौहारी पुलिस की इस दिलेर और सख्त कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में अवैध कारोबारियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। थाना प्रभारी जियाउल हक की सूझबूझ और त्वरित एक्शन की पूरे संभाग और प्रशासनिक गलियारों में जमकर सराहना हो रही है, जिसने न सिर्फ शासन के राजस्व को होने वाली बड़ी क्षति को रोका बल्कि यह भी साबित कर दिया कि अपराधियों के लिए शहडोल में कोई जगह नहीं है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी मैनेजर भूपेन्द्र तिवारी के विरुद्ध बी.एन.एस.एस. की सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस विशालकाय जप्त कोयले के सटीक मूल्यांकन और इसके वास्तविक स्रोत (वैध अथवा अवैध होने) के संबंध में संबंधित माइनिंग व खनिज विभाग से विस्तृत और तकनीकी प्रतिवेदन प्राप्त करने हेतु पत्राचार किया जा रहा है। विभाग से रिपोर्ट प्राप्त होते ही मामले में संलिप्त अन्य बड़े रसूखदारों और मुख्य सरगनाओं के खिलाफ भी कठोरतम अग्रिम वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने यह साफ संदेश दे दिया है कि शहडोल में कानून का राज है और जनता के संसाधनों पर डाका डालने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
